रोजगार की तलाश में गया बेटा लौटा अर्थी बनकर

Advertisements

रोजगार की तलाश में गया बेटा लौटा अर्थी बनकर

डीजे न्यूज, विष्णुगढ़(हजारीबाग) : अंग्रेजी नववर्ष शुरू हो चुका है, लेकिन प्रवासी मजदूरों का दर्द जस का तस बना हुआ है। विष्णुगढ़ के फाराचांच निवासी राजू महतो के पुत्र योगेंद्र महतो की मौत ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि रोजगार की तलाश में घर से दूर जाने वालों की सुरक्षा कब सुनिश्चित होगी।

योगेंद्र महाराष्ट्र के ताले गांव स्थित एक क्रशर में ऑपरेटर के रूप में काम करता था। काम के दौरान वह गिर पड़ा। कंपनी के सुपरवाइजर ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे उसके मामा के हवाले कर दिया।

31 दिसंबर को जब परिजन उसे विष्णुगढ़ लेकर लौट रहे थे, तभी रास्ते में उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। पुणे के पास रेलवे पुलिस ने उसे ट्रेन से उतारकर अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

शनिवार सुबह जब शव पैतृक गांव पहुंचा तो परिजनों में चीख-पुकार मच गई और गांव का माहौल गमगीन हो गया।

स्थानीय मुखिया सह मुखिया संघ अध्यक्ष उत्तम कुमार महतो एवं जनप्रतिनिधियों की पहल पर कंपनी प्रबंधन से बातचीत हुई। परिजनों को

55 हजार रुपये

बकाया सैलरी 47,500 रुपये

पीएफ और इंश्योरेंस की राशि

दिलाने पर सहमति बनी।

प्रवासी मजदूरों के हित में काम कर रहे समाजसेवी भुनेश्वर कुमार महतो ने कहा कि यह कोई पहली घटना नहीं है। कई प्रवासी मजदूर दुर्घटनाओं में जान गंवाते हैं, लेकिन नेताओं और जनप्रतिनिधियों से मदद के नाम पर अक्सर सिर्फ आश्वासन मिलता है। इस अवसर पर प्रभात कुमार, फूलचंद महतो, नंदलाल महतो, माही पटेल, कौलेश्वर महतो, पुरण महतो, महेश कुमार महतो, दूलार नारायण महतो, गोविंद महतो, विंदेश्वर पटेल, टेकलाल महतो, जीतन महतो समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

Social media & sharing icons powered by UltimatelySocial
Scroll to Top