रामचरित मानस के रचयिता गोस्वामी तुलसीदास एवं उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचंद की जीवनी से अवगत हुए स्कूली बच्चे 

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रामचरित मानस के रचयिता गोस्वामी तुलसीदास एवं उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचंद की जीवनी से अवगत हुए स्कूली बच्चे

डीजे न्यूज, पलामू:

राजकीय मध्य विद्यालय हुसैनाबाद में गुरुवार को रामचरित मानस के रचयिता गोस्वामी तुलसीदास एवं उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचंद की जीवनी से बच्चों को अवगत कराया गया।  स्कूल में नियमित प्रार्थना, राष्ट्रगान ,‌‌ संविधान की प्रस्तावना, सफाई हेतु संकल्प ,जेसीईआरटी द्वारा प्रेषित न्यूज व क्विज की जानकारी देने के बाद शिक्षकों ने कहा कि आज सावन माह शुक्ल पक्ष सप्तमी तिथि है। इसी तिथि को संत तुलसीदास का जन्म हुआ था, न कि 31जुलाई बल्कि यह एक महज संयोग है अंग्रेजी तिथि एवं हिन्दी माह का। इनका जन्म 1511 ईस्वी को उत्तर प्रदेश  के बांदा जिले के राजापुर गांव में हुआ था। बचपन का नाम रामबोला, माता का नाम हुलसी देवी और पिता का नाम आत्मा राम दूबे था। बचपन में ही माता-पिता का निधन होने के बाद उनका लालन-पालन एक दासी ने किया। वेदों ,पुराणों और शास्त्रों का ज्ञान प्राप्त किया।

वे प्रभु राम के अनन्य भक्त थे। इनके द्वारा रचित रामचरित मानस हर हिन्दुओं के घर में विद्यमान है। रामकथा अवधी भाषा में वर्णन है। 16वीं शताब्दी के एक महान कवि और भक्त थे।हनुमान चालीसा के भी रचयिता है।

वहीं हिंदी और उर्दू साहित्य के महानतम लेखकों में एक प्रेमचंद जी का जन्म 31जुलाई 1880 को वाराणसी के पास लमही गांव में  हुआ था। इनका वास्तविक नाम धनपत राय था।अपने लेखन में सामाजिक यथार्थ को उभारा। यही कारण है कि उनकी रचनायें आज भी प्रासंगिक है।

इनकी रचनाओं में गोदान, गबन, रंगभूमि,  सेवाससदन, कफन, ईदगाह काफी उल्लेखनीय है। वहीं हंस और जागरण जैसी पत्रिकाओं का संपादन भी किया।

बच्चों को इन आदर्श महापुरुषों के जीवनी से सीख लेने और उनके बताये मार्गचिन्हों पर चलने का प्रयास करने के प्रोत्साहित करते हुए कहा कि यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

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