

























































राजा शक्ति नारायण सिंह ने अपने पिता गंगा नारायण की स्मृति में की थी गंगा गोशाला कतरास की स्थापना,

उत्साहवर्धक यात्रा में होता गया उत्तरोत्तर विकास

तरुण कांति घोष, कतरास(धनबाद): गंगा गोशाला कतरास – करकेंद ने गौरवमयी यात्रा तय कर गोवंश की संरक्षण और संबर्धन में अहम योगदान कर रहा है। झारखंड की गौशालाओं में इसका एक अलग स्थान है। 26 जनवरी 1920 को कतरास स्टेट के राजा स्व. शक्ति नारायण सिंह अपने
पिता राजा स्व. गंगा नारायण सिंह की
पुण्य स्मृति में इस गोशाला की स्थापना की थी। राज परिवार ने 50.42 एकड़ भूमि गोरक्षणी स्थापना के नाम से दान किया था और इसका संचालन 1923 तक खुद किया।
चाला से शुरुआत
चाला बनाकर गोवंश की सेवा की शुरुआत हुई थी। इसके बाद खपडै़ल की छावनी से गो गृह का निर्माण हुआ। सभी समाज के लोग व व्यवसायियों का पूरा सहयोग रहा। समय के बदलते काल खंड में गो वंश की संख्या बढ़ती गयी और गोशाला का विकास होता चला गया। गो वंश के लिए अपनी तीस एकड़ भूमि पर हरा चारा लगाए गए हैं। इसके अलावा रोटी सेवा लागू की गयी है, जो गो भक्तों के सहयोग से यह चल रही है। जन्म दिन सहित अन्य अवसरों पर लोग गोशाला आकर तुला दान व गोवंश का चारा के लिए सहयोग करते है। निर्धारित राशि देकर गोवंश को गोद लेकर उसके चारा के खर्च का वहन करते हैं। गोवंश की सेवा के लिए चल रही गो ग्रास, सुरभि योजना अधिक मायने रखती है।

दूध-जैविक खाद उत्पादन
गोशाला में दूध के अलावा जैविक खाद उत्पादन व गोकाष्ट्ठ का निर्माण किया जाता है। समाज के सहयोग से चलने वाली इस गोशाला में इस वक्त करीब 1183 गो वंश है। जिसमें 178 दुधारू है। 100 गर्भवती शेष
नाठा, बूढ़ी व लाचार हैं। दिव्यांग गो वंश के लिए नारायणी धाम का निर्माण किया गया है। देशी नस्ल की गो वंश के विकास के लिए एक अलग गो गृह है।
प्रबंध समिति
गोशाला प्रबंध समिति में अध्यक्ष सुरेंद्र अग्रवाल, महासचिव महेश कुमार अग्रवाल, सचिव दीपक अग्रवाल, अनिल वंसल, कोषाध्यक्ष डी एन चौधरी, अंकेक्षक राजेश सिंघल, उपाध्यक्ष श्रवण खेतान, मंजु बगाड़िया, कृष्ण कन्हैया राय, कमलेश सिंह, सुमित खडेलवाल आदि हैं। अगले सत्र के लिए मशहूर उद्योगपति अनीश डोकनिया को समिति का अध्यक्ष निर्वाचित किया गया है।
30 अक्टूबर से गोपाष्टमी मेला
गंगा गौशाला कतरास-करकेंद में 30 अक्टूबर से 9 नवंबर तक गोपाष्टमी महोत्सव का आयोजन किया जाएगा।
30 अक्टूबर गुरुवार, सुबह 08:30 बजे
झंडोत्तोलन एवं 501 गौ भक्तो द्वारा गोपूजन, गुरुपूजन (यजमान सांसद ढुलू महतो व उनकी पत्नी सावित्री देवी), सुबह 10:00 बजे मुर्ति घर का उद्घाटन।
30 अक्टूबर से 7 नवम्बर तक, सुबह 10.30 बजे से अखण्ड सवालाख हनुमान चालीसा पाठ।
06 नवम्बर गुरूवार सुबह 10:30 बजे से श्री राणी सती दादीजी का मंगल पाठ।
07 नवम्बर शुक्रवार अपराह्या 03:00 बजे से
संगीतमय सुन्दरकाण्ड पाठ।
08 नवम्बर शनिवार को भजनों की अमृतवर्षा।
09 नवम्बर रविवार संध्या 7:00 बजे से विराट कवि सम्मेलन।



