



प्रवासी मजदूर उमेश महतो के परिवार को मिला न्याय –

समाजसेवी भुनेश्वर महतो की पहल पर मिला मुआवज़ा, शव पहुँचेगा घर
डीजे न्यूज, ऊपरघाट,बेरमो, बोकारो : नावाडीह प्रखंड के बरई पंचायत जुरामना निवासी उमेश महतो, जो मुंबई की एसएन इंजीनियरिंग कंपनी में कार्यरत थे, 31 दिसंबर को काम के दौरान बिजली की चपेट में आकर मौत के शिकार हो गए। कंपनी द्वारा मुआवजा नहीं देने पर शव अस्पताल में ही रोक दिया गया था।
ख़बर मिलते ही प्रवासी मजदूरों के हित में काम करने वाले समाजसेवी भुनेश्वर कुमार महतो मृतक के घर पहुँचे और परिजनों को ढांढस बंधाया। उन्होंने आदर्श श्रमिक एकता सामाजिक संस्था से संपर्क कर पहल की, जिसके प्रयास से कंपनी प्रतिनिधि सचिन कुमार से वार्ता हुई और—
परिजनों के खाते में ₹3,21,000
बीमा का लाभ
ईपीएफ से पेंशन
दिलाने पर सहमति बनी। संस्था के सदस्य हेमंत महतो और उनकी टीम मुंबई अस्पताल पहुँचकर शव को झारखंड भेजने की व्यवस्था कराई। शव के मंगलवार को घर पहुँचने की संभावना है।

उमेश अपने पीछे दिव्यांग पिता नारायण महतो, माता मुनिया देवी, पत्नी पायल देवी, दो छोटे बेटों और दो भाइयों को छोड़ गए।
भुनेश्वर महतो ने कहा कि रोजगार के अभाव में लोग राज्य से बाहर जा रहे हैं, और प्रवासी मजदूरों की मौत की घटनाएँ चिंता का विषय हैं। सरकार को स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने चाहिए।
संस्था के सदस्यों ने आश्वासन दिया कि वे इस कठिन समय में पीड़ित परिवार के साथ खड़े रहेंगे। समाजसेवी नागेश्वर सिंह ने भी संबंधित अधिकारियों से शव को घर लाने की गुहार लगाई।



