
























































प्रोडक्टिविटी, सेफ्टी और सस्टेनेबल माइनिंग पर ईडीपी की शुरुआत

डीजे न्यूज, धनबाद: आईआईटी (आईएसएम) धनबाद में उत्पादकता बढ़ाने, सुरक्षा और खनन उद्योग का सतत प्रबंधन (Enhancing Productivity, Safety and Sustainable Management of Mining Industry) विषय पर तीन दिवसीय एग्जीक्यूटिव डेवलपमेंट प्रोग्राम (EDP) की शुरुआत टेक्समिन, 3rd फ्लोर, i2h बिल्डिंग में हुई। इस कार्यक्रम में माइनिंग और इससे जुड़े क्षेत्रों के कुल 12 प्रोफेशनल्स हिस्सा ले रहे हैं। मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग द्वारा आयोजित यह प्रोग्राम आधुनिक खनन कार्यों में प्रोडक्टिविटी बढ़ाने, सेफ्टी स्टैंडर्ड मजबूत करने और सस्टेनेबल प्रैक्टिस अपनाने पर केंद्रित है। इसमें टेक्नोलॉजी आधारित तरीकों और अलग-अलग विषयों के ज्ञान को जोड़कर सीखने पर जोर दिया जा रहा है।
उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. सिद्धार्थ मिश्रा, चीफ प्रोसेस रिसर्च, आर एंड डी, टाटा स्टील ऑनलाइन जुड़े। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि सुरक्षित और बेहतर माइनिंग सिस्टम के लिए रिसर्च, प्रोसेस ऑप्टिमाइजेशन और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन की भूमिका तेजी से बढ़ रही है। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के तौर पर प्रो. सोमनाथ चट्टोपाध्याय, विभागाध्यक्ष, मैकेनिकल इंजीनियरिंग; प्रो. भंवर सिंह चौधरी, विभागाध्यक्ष, माइनिंग इंजीनियरिंग; तथा प्रो. तनमय मइती, एसोसिएट डीन, इंटरनेशनल रिलेशंस एंड एलुमनाई अफेयर्स मौजूद रहे। कार्यक्रम समन्वयक प्रो. एल. ए. कुमारास्वामिधास भी उद्घाटन सत्र में उपस्थित थे और उन्होंने इंडस्ट्री के साथ संस्थान के जुड़ाव, एग्जीक्यूटिव एजुकेशन और रिसर्च सहयोग पर प्रकाश डाला।
इस ईडीपी के कोऑर्डिनेटर प्रो. एल. ए. कुमारास्वामिधास हैं, जबकि सह-समन्वयक के रूप में प्रो. रजनी सिंह, प्रोफेसर इंग्लिश, डिपार्टमेंट ऑफ ह्यूमैनिटीज एंड सोशल साइंसेज एवं डीन कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस और प्रो. शशांक बंसल, डिपार्टमेंट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज एंड इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग कार्यक्रम से जुड़े हैं। आयोजन टीम ने कार्यक्रम की अकादमिक और मैनेजमेंट संरचना तैयार करने में अहम भूमिका निभाई है।
पहले दिन प्रतिभागियों ने डिजिटल माइनिंग के जरिए सेफ्टी, सस्टेनेबिलिटी और ह्यूमन–मशीन डायनेमिक्स को बेहतर बनाने के तरीके, खदानों में जरूरी सुरक्षा उपाय और बेस्ट प्रैक्टिस, ब्लास्टलेस माइनिंग में सरफेस माइनर की प्रोडक्टिविटी और सेफ्टी बढ़ाने के उपाय, तथा रियोलॉजिकल और ट्राइबोलॉजिकल इनोवेशन के माध्यम से माइनिंग एफिशिएंसी और इक्विपमेंट सेफ्टी सुधारने से जुड़ी जानकारी हासिल की।
यह ईडीपी आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के उस लगातार प्रयास को दिखाता है, जिसके जरिए संस्थान अकादमिक ज्ञान को इंडस्ट्री की जरूरतों से जोड़ते हुए माइनिंग सेक्टर के लिए कुशल, जागरूक और जिम्मेदार नेतृत्व तैयार कर रहा है।



