न्यायालयी मामलों के त्वरित निष्पादन को लेकर जिला पुलिस सख्त कुर्की वारंट समेत न्यायालयो के अन्य आदेशों पर समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश, स्पीडी ट्रायल वाले मामलों पर रहेगा विशेष फोकस गवाहों की उपस्थिति सुनिश्चित करने पर विशेष जोर, लापरवाही पर होगी कार्रवाई

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न्यायालयी मामलों के त्वरित निष्पादन को लेकर जिला पुलिस सख्त

कुर्की वारंट समेत न्यायालयो के अन्य आदेशों पर समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश, स्पीडी ट्रायल वाले मामलों पर रहेगा विशेष फोकस

गवाहों की उपस्थिति सुनिश्चित करने पर विशेष जोर, लापरवाही पर होगी कार्रवाई

डीजे न्यूज, धनबाद: पुलिस ने न्यायालय से जुड़े मामलों के त्वरित एवं प्रभावी निष्पादन को लेकर अपनी सक्रियता तेज कर दी है। वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार  के निर्देश पर बुधवार को जिला मुख्यालय स्थित पुलिस सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय-2 धीरेन्द्र नारायण बंका ने की। इस दौरान न्यायालय से संबंधित लंबित मामलों की बारीकी से समीक्षा कर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए।

बैठक में न्यायालयों से प्राप्त आदेश, प्रतिवेदन, समन वारंट एवं कुर्की से जुड़े मामलों की विस्तृत समीक्षा की गई। डीएसपी ने स्पष्ट रूप से निर्देश दिया कि न्यायालय से प्राप्त प्रत्येक आदेश पर प्राथमिकता के आधार पर त्वरित और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि न्यायिक प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही या विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, और हर स्तर पर जवाबदेही तय की जाएगी।

बैठक में कोर्ट नोडल पुलिस पदाधिकारियों को निर्देशित किया गया कि जिन मामलों में गवाही निर्धारित है, उन मामलों के गवाहों को समय से पूर्व तिथि, स्थान एवं केस से संबंधित सभी आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई जाए। इससे गवाहों की उपस्थिति सुनिश्चित होगी और मामलों के निष्पादन में तेजी आएगी।

साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि यदि बार-बार सूचना देने के बावजूद कोई गवाह अनुपस्थित रहता है, तो इसकी जानकारी तत्काल वरीय अधिकारियों को दी जाए, ताकि आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा सके।

डीएसपी ने पूर्व में दिए गए निर्देशों की समीक्षा करते हुए कोर्ट नोडल अधिकारियों को प्रत्येक मुकदमे से संबंधित सूचनाओं को नियमित रूप से अपडेट करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही न्यायालयों से प्राप्त वारंट एवं कुर्की आदेशों की तामिला शीघ्र सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया।

उन्होंने कहा कि न्यायालय से जुड़े मामलों में समय पालन, पारदर्शिता और जवाबदेही पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है, जिसे प्रत्येक पुलिस पदाधिकारी को व्यक्तिगत स्तर पर निगरानी करते हुए सुनिश्चित करना होगा।

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