

























































नशामुक्त देवघर को लेकर प्रशासन सख्त, उपायुक्त की अध्यक्षता में एनसीओआरडी समिति की बैठक आयोजित

डीजे न्यूज, देवघर : देवघर जिले को नशामुक्त बनाने की दिशा में प्रशासन ने प्रयास तेज कर दिए हैं। जिले में नशीली दवाओं के दुरुपयोग और नशीले पदार्थों के व्यापार पर रोक लगाने को लेकर बुधवार को समाहरणालय सभागार में जिलास्तरीय एनसीओआरडी (NCORD) समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त सह जिला दण्डाधिकारी नमन प्रियेश लकड़ा एवं पुलिस अधीक्षक श्री सौरभ ने की।
बैठक में उपायुक्त ने बताया कि भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा मादक पदार्थों की तस्करी एवं अवैध खेती की रोकथाम के साथ विभिन्न स्तर पर समन्वय एवं सहयोग स्थापित करने के उद्देश्य से 4 टियर लेवल नार्को समन्वय केंद्र (NCORD) मैकेनिज्म के गठन का आदेश जारी किया गया है। इसके तहत जिलास्तरीय समिति का गठन कर प्रत्येक माह बैठक आयोजित कर कार्यवृत्त तैयार किया जाना अनिवार्य है।
उपायुक्त ने बताया कि देवघर जिले में गठित समिति में पुलिस अधीक्षक को संयोजक सदस्य बनाया गया है। वहीं अनुमंडल पदाधिकारी देवघर, अनुमंडल पदाधिकारी मधुपुर, सिविल सर्जन-सह-मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला शिक्षा अधीक्षक, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, वन प्रमंडल पदाधिकारी, जिला कृषि पदाधिकारी तथा जिला औषधि निरीक्षक को सदस्य के रूप में नामित किया गया है।
बैठक के दौरान उपायुक्त श्री लकड़ा ने स्कूलों एवं कॉलेजों में नियमित जागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि धार्मिक स्थलों, विद्यालयों एवं कॉलेजों के आसपास किसी भी प्रकार की नशा सामग्री की बिक्री नहीं होनी चाहिए।
उपायुक्त ने सड़क सुरक्षा अभियान के साथ नशामुक्ति अभियान को जोड़ते हुए युवाओं एवं छात्रों को नशीली दवाओं के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने तथा उन्हें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने शहरी क्षेत्रों में विशेष जागरूकता अभियान चलाने एवं “नशामुक्त देवघर अभियान” के तहत कार्यक्रम आयोजित करने का निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिया।
बैठक में हॉटस्पॉट की पहचान कर सूची तैयार करने को लेकर भी निर्देश दिए गए, ताकि सभी हितधारकों की सक्रिय भागीदारी के साथ समस्या को जड़ से खत्म किया जा सके। उपायुक्त ने पुलिस विभाग को नशीली दवाओं के प्रसार और खपत के खिलाफ कड़ी निगरानी रखने एवं आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
बैठक में उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि “जिरो टॉलरेंस” नीति के तहत देवघर को नशामुक्त बनाने की दिशा में सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य करें।
इस दौरान डीएफओ, नगर आयुक्त, अपर समाहर्ता, अनुमंडल पदाधिकारी मधुपुर, सिविल सर्जन, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, उत्पाद अधीक्षक, डीएमएफटी टीम एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।



