


नक्सली अनल दा की मौत से उसके गांव पीरटांड़ के झरहा में पसरा खामोशी

डीजे न्यूज, पीरटांड़ (गिरिडीह) : उग्रवाद प्रभावित क्षेत्र माने जाने वाले पीरटांड़ प्रखंड में बड़े नक्सलियों के खात्मे की कड़ी में अब अनल दा उर्फ पतिराम के मारे जाने की खबर सामने आई है। बताया जा रहा है कि चाईबासा में हुई एक मुठभेड़ में पीरटांड़ थाना क्षेत्र के दीवानडीह झरहा निवासी लेंगरा मांझी का बेटा पतिराम मांझी समेत कुल दस नक्सली मारे गए हैं। इस घटना के बाद अनल दा के पैतृक गांव दीवानडीह झरहा में गुरुवार को पूरे दिन सन्नाटा पसरा रहा।
गांव में महिलाएं तो नजर आईं, लेकिन कोई भी इस घटना के बारे में न तो जानकारी देने को तैयार था और न ही किसी ने पतिराम मांझी का घर दिखाना उचित समझा। बताया जा रहा है कि पतिराम मांझी का परिवार इस घटना से पूरी तरह अनभिज्ञ है और गांव में डर व चुप्पी का माहौल बना हुआ है।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले पिछले साल बोकारो जिले में हुई दो अलग-अलग पुलिस-नक्सली मुठभेड़ की घटनाओं में पीरटांड़ क्षेत्र से जुड़े दो बड़े नक्सली मारे जा चुके हैं। अब तीसरी मुठभेड़ में अनल दा उर्फ पतिराम के मारे जाने के बाद यह माना जाने लगा है कि पीरटांड़ क्षेत्र से बड़े नक्सलियों का एक तरह से सफाया हो चुका है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार अनल दा उर्फ पतिराम मांझी, जिसे कई नामों से जाना जाता था, एक करोड़ रुपये का इनामी नक्सली था। वह क्षेत्र के लिए दहशत का पर्याय माना जाता था और झारखंड के विभिन्न जिलों में सक्रिय था। खासकर गिरिडीह जिले के पीरटांड़, खुखरा, मधुबन, निमियाघाट सहित अन्य थानों में उसके खिलाफ दर्जनों मामले दर्ज थे। अनल दा के मारे जाने की खबर के बाद क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता भी बढ़ा दी गई है।



