निगम बोर्ड की बैठक में बुनियादी सेवाओं पर फोकस सफाईकर्मी बढ़ाने व जल संकट वाले वार्डों में चापानल लगाने का निर्णय

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निगम बोर्ड की बैठक में बुनियादी सेवाओं पर फोकस

सफाईकर्मी बढ़ाने व जल संकट वाले वार्डों में चापानल लगाने का निर्णय

डीजे न्यूज, धनबाद: सोमवार को आयोजित धनबाद नगर निगम बोर्ड की दूसरी बैठक में शहर की बुनियादी सुविधाओं—विशेषकर जलापूर्ति और सफाई व्यवस्था—को सुदृढ़ करने को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में वार्ड स्तर पर बढ़ती आबादी, गर्मी के मौसम में जल संकट और सफाई व्यवस्था की चुनौतियों पर गंभीरता से चर्चा की गई। पार्षदों ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं को रखते हुए व्यावहारिक समाधान सुझाए, जिन्हें बोर्ड ने प्राथमिकता के साथ स्वीकार किया।

बैठक में डिप्टी मेयर अरुण चौहान, नगर आयुक्त आशीष गंगवार सहित सभी वार्ड पार्षद उपस्थित रहे। सभी जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने वार्डों की जमीनी समस्याओं को विस्तार से रखा, जिससे बैठक में लिए गए निर्णयों को व्यापक प्रतिनिधित्व का समर्थन मिला।

बैठक के दौरान सबसे प्रमुख मुद्दा वार्डों में सफाई व्यवस्था को मजबूत बनाने का रहा। कई पार्षदों ने कहा कि वर्तमान में कई वार्डों में सफाईकर्मियों की संख्या आवश्यकता से काफी कम है, जिससे नियमित सफाई प्रभावित होती है और कई इलाकों में कचरा जमा होने की समस्या बनी रहती है। इस पर विचार करते हुए वार्डों में सफाईकर्मियों की संख्या बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया, जिसे सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया। निर्णय के अनुसार अब प्रत्येक वार्ड में औसतन 15 सफाईकर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।

बैठक के बाद मेयर संजीव सिंह ने मीडिया से बातचीत में बताया कि वर्तमान व्यवस्था में वार्डों के बीच सफाईकर्मियों की संख्या में असमानता है—कहीं मात्र 6 सफाईकर्मी हैं तो कहीं 10 तक। उन्होंने कहा कि इस असमानता को दूर करते हुए एक समान व्यवस्था लागू की जाएगी, जिससे शहर के सभी वार्डों में सफाई व्यवस्था संतुलित और प्रभावी हो सके।


उन्होंने कहा कि सफाई व्यवस्था में सुधार का सीधा संबंध जनस्वास्थ्य से है, इसलिए इसे नगर निगम की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में रखा गया है।

गर्मी के मौसम को देखते हुए जल संकट की समस्या भी बैठक का प्रमुख विषय रही। कई पार्षदों ने ऐसे वार्डों का उल्लेख किया, जहां हर वर्ष गर्मी में पेयजल की गंभीर समस्या उत्पन्न हो जाती है। इस पर बोर्ड ने निर्णय लिया कि चिन्हित जल संकट प्रभावित वार्डों में नए चापानल लगाए जाएंगे। मेयर ने कहा कि यह निर्णय अल्पकालिक राहत देने के उद्देश्य से लिया गया है, ताकि गर्मी के दौरान लोगों को पेयजल के लिए भटकना न पड़े।

प्रशासनिक कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी और विकेन्द्रीकृत बनाने के उद्देश्य से बैठक में एक और महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। इसके तहत हर पांच वार्ड से एक जोनल अध्यक्ष चुने जाने का प्रस्ताव पारित किया गया। इन जोनल अध्यक्षों के लिए प्रत्येक पांच वार्डों के बीच किसी एक सरकारी भवन को चिन्हित कर वहां बैठने और कार्य निष्पादन की व्यवस्था की जाएगी। इस व्यवस्था से स्थानीय स्तर पर शिकायतों के त्वरित निस्तारण और निगरानी प्रणाली को मजबूत करने की उम्मीद जताई जा रही है।

मेयर संजीव सिंह ने कहा कि नगर निगम में विकास कार्यों की गति को तेज करने के लिए प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि वार्ड पार्षद जनता और सरकार के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु का कार्य करते हैं और उन्हें अपने क्षेत्र की समस्याओं की गहन समझ होती है। इसलिए पार्षदों से प्राप्त सुझावों को योजनाओं के क्रियान्वयन में विशेष महत्व दिया जाएगा।

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