

























































म्यूटेशन नियम में बदलाव से बढ़ेगी आम जनता की परेशानी : भाजपा नेता सुरेश साव

डीजे न्यूज, गिरिडीह :
झारखंड में जमीन रजिस्ट्री के बाद दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) के लिए अलग से आवेदन करने पर रोक की नई व्यवस्था पर भाजपा नेता सुरेश साव ने कड़ा एतराज़ जताया है। उन्होंने प्रेस बयान जारी कर कहा कि इस फैसले से आम लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।
नई व्यवस्था के अनुसार, अब प्रज्ञा केंद्र या साइबर कैफे के माध्यम से म्यूटेशन का आवेदन करने पर झारभूमि पोर्टल पर मौजा, खाता और प्लॉट नंबर डालने के बाद भी आवेदन स्वीकृत नहीं होगा।
सुरेश साव ने कहा कि राजस्व विभाग का यह निर्णय “निरर्थक” है और इससे राज्य की जनता पर सीधा असर पड़ेगा। उनके अनुसार—
राज्य में आधे से अधिक पुराने म्यूटेशन आवेदन अभी लंबित हैं
नए नियम से भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी को बढ़ावा मिलेगा
आम लोग पहले से ब्लॉक कार्यालयों के चक्कर काटने को मजबूर हैं
उन्होंने आरोप लगाया कि विभागीय कर्मचारी तकनीकी कारणों का बहाना बनाकर लोगों को परेशान करते रहे हैं, जबकि नया नियम “भू-माफियाओं और दलालों” के लिए रास्ता आसान करेगा।
सुरेश साव ने कहा कि हेमंत सोरेन सरकार जनता को भ्रमित कर रही है और नए कानून के जरिए भूमि अधिग्रहण का रास्ता तलाश रही है।
अंत में उन्होंने मांग की कि सरकार इस निर्णय पर पुनर्विचार करे और जनता के हित में पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करे।



