महिला आचार्यों ने लिया संस्कृति संरक्षण और समाज सेवा का संकल्प

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महिला आचार्यों ने लिया संस्कृति संरक्षण और समाज सेवा का संकल्प

 

जामताड़ा में संपन्न हुई जिला स्तरीय सप्तसंगम कार्यशाला

डीजे न्यूज, जामताड़ा : सरस्वती शिशु मंदिर नामूपाड़ा में जिला स्तरीय सप्तसंगम कार्यशाला का सफल आयोजन हुआ। इस कार्यशाला में जिले के विभिन्न सरस्वती शिशु मंदिर विद्यालयों की महिला आचार्याएं, प्रधानाचार्य, विद्यालय प्रबंधकारिणी समिति के पदाधिकारी तथा प्रांत स्तर की संयोजिकाएं शामिल हुईं। कुल 41 बहनों, 7 प्रधानाचार्यों एवं अध्यक्ष, सचिव, सह सचिव सहित प्रांत सहसंयोजिका किरण राय, जिला संयोजिका आभा आर्या और सहसंयोजिका अपर्णा झा समेत कुल 56 लोग इसमें उपस्थित रहे। कार्यशाला के दौरान जिले के विभिन्न विद्यालयों में सप्तशक्ति संगम अर्थात मातृ सम्मेलन की तिथियों की घोषणा की गई। कार्यक्रम सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक चार सत्रों में चला।

संस्कृति बचाने और स्वदेशी अपनाने पर दिया जोर

प्रांत संयोजिका किरण राय ने कहा कि आज परिवारों के टूटने और बच्चों के पाश्चात्य संस्कृति की ओर झुकाव से भारतीय संस्कृति पर खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने कहा – “हम माताएं ही हैं जो इस कीचड़ से बच्चों को निकाल सकती हैं।”

जिला संयोजिका आभा आर्या ने कहा कि भारत हर क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। नागरिक होने के नाते हमारा कर्तव्य है कि हम राष्ट्रीय संपत्ति की सुरक्षा करें, स्वदेशी वस्तुओं का प्रयोग करें, प्लास्टिक का उपयोग न करें तथा योग और पूजा-पाठ से आत्मबल को मजबूत बनाएं। सहसंयोजिका द्वारा मातृशक्ति पर गीत प्रस्तुत किया गया। मंच संचालन ललिता जी ने किया और धन्यवाद ज्ञापन प्रेरणा कुमारी ने किया। इस अवसर पर सरस्वती विद्या मंदिर के प्रधानाचार्य कृष्णकांत दुबे, फतेहपुर के आनंद मिश्रा, करों के शक्ति गोस्वामी, झिलूआ के जगजीत, मिहिजाम के महेंद्र मंडल और नाला के प्रभारी प्रधानाचार्य समेत अनेक लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय के प्रधानाचार्य प्रभाकर महतो, आचार्य सोहन ठाकुर, डब्लू हरि, अनुपमा कमल, साक्षी, प्रेरणा और लवली ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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