मांदर की थाप पर पारंपरिक गीत व नृत्य से गूंजा गिरिडीह कॉलेज परिसर 

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मांदर की थाप पर पारंपरिक गीत व नृत्य से गूंजा गिरिडीह कॉलेज परिसर 

गिरिडीह कॉलेज छात्रावास में सोहराय मिलन समारोह का आयोजन 

डीजे न्यूज, गिरिडीह : आदिवासी छात्रसंघ के नेतृत्व में जिला सोहराय मिलन समारोह का आयोजन रविवार को गिरिडीह कॉलेज छात्रावास प्रांगण में किया गया। संतालों के पारंपरिक रीति-रिवाज और विधिवत रूप से आदिवासी समाज के लोगों ने सोहराय मनाया। इस दौरान मांदर की थाप पर आदिवासी समाज के लोग खूब झूमे। पारंपरिक गीत व नृत्य से पूरा कॉलेज परिसर गूंजता रहा।

सोहराय मिलन समारोह को लेकर वक्ताओं ने बताया कि सोहराय संतालों का सबसे बड़ा पर्व है। जिसकी तुलना एक हाथी से की जाती है। पूर्वज से हीआदिवासी समाज प्रकृति को अपना देवता मानते आ रहे हैं। वक्ताओं ने कहा कि सोहराय सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि आदिवासी जीवन की आत्मा और परंपराओं का उत्सव है। सोहराय अपनी सांस्कृतिक पहचान और प्रकृति से जुड़ाव को दर्शाता है। सोहराम मिलन समारोह में जिले के सामाजिक गुरूओं, बुजुर्गों एवं खासकर जिले के समस्त छात्र-छात्राओं ने उत्साह के साथ मनाया। समाज के सभी लोग पारंपरिक पहनावे में पहुंचे हुए थे। मांदर और नगाड़े की थाप से इस सांस्कृतिक पर्व में महिलाओं और पुरुषों ने एकता का भी परिचय दिया। कार्यक्रम में जिला छात्रसंघ के अध्यक्ष प्रदीप सोरेन, सचिव मदन सोरेन, समीर मुर्मू, अनिल हेंब्रम, गणेश हंसदा, मुजीलाल टुड्डू, एचई हॉस्टल के छात्रनायक मीरूलाल मरांडी, अजय सोरेन, बरगंडा छात्रनायक अक्षय, गिरिडीह कॉलेज हॉस्टल के विष्णु किस्कू, सर जेसी बोस बालिका छात्रावास की छात्रा नायिका ज्योति टुड्डू, रोशना सोरेन, समाज के बुद्धिजीवी वर्ग से नूनका टुड्डू, केंद्रीय आदिवासी छात्रसंघ के केंद्रीय सचिव प्रवीण मुर्मू, दशरथ किस्कू, नूनूराम किस्कू, सिकंदर हेंब्रम, समाजसेविका अनामिका मुर्मू, अंजलि किस्कू, शांति मुर्मू, सीतामुनी किस्कू, प्रेमी बेसरा, जिले के समस्त छात्रावास के छात्र-छात्राएं व तेरह प्रखंड के आदिवासी समुदायों ने मिलन समारोह में योगदान दिया।

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