



लोकसभा में उठा केंद्रीय विद्यालय संख्या–2 के स्थायी भवन निर्माण में विलंब का मुद्दा

सांसद ढुलू ने की निर्माण कार्य शीघ्र शुरू कराने एवं जिम्मेदारी तय करने की मांग
डीजे न्यूज, धनबाद: सांसद ढुलू महतो ने लोकसभा में नियम 377 के तहत धनबाद स्थित केंद्रीय विद्यालय संख्या–2 के स्थायी भवन निर्माण में हो रहे लंबे विलंब का मुद्दा उठाया। उन्होंने इस विषय पर केंद्र सरकार का ध्यान आकृष्ट करते हुए निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ कराने तथा संबंधित समस्याओं का समाधान करने की मांग की।
सांसद ढुलू ने सदन में कहा कि फरवरी 2018 में केंद्रीय विद्यालय संख्या–2 के स्थायी भवन निर्माण के लिए लगभग 5 एकड़ भूमि आवंटित की गई थी। किंतु बाद में उस भूमि पर अवैध कब्जा और अदालती मामलों के कारण लगभग पांच वर्षों तक निर्माण कार्य ठप रहा। उन्होंने इसे अत्यंत चिंताजनक बताते हुए कहा कि बिना समुचित जांच के विवादित भूमि का आवंटन किया जाना गंभीर प्रशासनिक त्रुटि को दर्शाता है।
उन्होंने आगे कहा कि झारखंड सरकार द्वारा सितंबर 2023 में विद्यालय के लिए लगभग 4.30 एकड़ वैकल्पिक भूमि उपलब्ध कराई गई है, किंतु उस स्थान पर अभी तक बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। नई भूमि पर मिट्टी भराई, पहुंच मार्ग (एप्रोच रोड) तथा पेयजल आपूर्ति जैसी आवश्यक व्यवस्थाएँ उपलब्ध नहीं हैं, जिसके कारण भवन निर्माण कार्य शुरू होना संभव नहीं हो पा रहा है।
सांसद ढुलू महतो ने सरकार से मांग की कि इस पूरे प्रकरण में भूमि आवंटन से संबंधित त्रुटियों और लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए। साथ ही राज्य सरकार के साथ समन्वय स्थापित कर नई भूमि पर आवश्यक आधारभूत सुविधाओं की कमी को शीघ्र दूर किया जाए, ताकि केंद्रीय विद्यालय के स्थायी भवन निर्माण का कार्य प्रारंभ हो सके।
उन्होंने यह भी आग्रह किया कि विद्यालय भवन निर्माण के लिए एक स्पष्ट और निश्चित समय-सीमा निर्धारित की जाए, जिससे लंबे समय से लंबित इस परियोजना को शीघ्र पूरा किया जा सके।
सांसद ढुलू महतो ने कहा कि धनबाद क्षेत्र के हजारों छात्र-छात्राओं की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा इस परियोजना से जुड़ी हुई है। ऐसे में केंद्रीय विद्यालय संख्या–2 के स्थायी भवन का निर्माण शीघ्र होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र सरकार इस विषय की गंभीरता को देखते हुए आवश्यक कार्रवाई करेगी।
उन्होंने कहा कि धनबाद और आसपास के क्षेत्रों में शिक्षा के बेहतर ढांचे का विकास उनकी प्राथमिकता है और क्षेत्र के विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए वे संसद से लेकर सभी स्तरों पर लगातार प्रयासरत रहेंगे।



