लोदना में कोयला चोरी चरम पर, तस्करों के लिए बना सुरक्षित ठिकाना

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लोदना में कोयला चोरी चरम पर, तस्करों के लिए बना सुरक्षित ठिकाना

 

मोटरसाइकिल से ढुलाई, रात में ट्रकों से सप्लाई, स्थानीय लोग भय के कारण विरोध करने में असमर्थ

डीजे न्यूज, तिसरा(धनबाद) : लोदना ओपी क्षेत्र में इन दिनों कोयला चोरी चरम पर पहुंच गई है। स्थिति यह है कि यह इलाका कोयला चोरों के लिए मानो स्वर्ग बन गया है, जहां बिना किसी रोक-टोक के प्रतिदिन कोयले की तस्करी की जा रही है। कोयला चोरों के बीच यह कहावत भी चर्चा में है कि “जब सैंया भय कोतवाल, तो अब डर काहे का”, जिससे साफ संकेत मिलता है कि तंत्र के लगभग सभी लोग इसमें संलिप्त बताए जा रहे हैं।

जानकारी के अनुसार तीसरा थाना क्षेत्र के 6 नंबर साइडिंग और लोदना ओपी क्षेत्र के कुजामा आउटसोर्सिंग परियोजना से कोयला चोर मोटरसाइकिल के माध्यम से कोयला निकालकर मधुवन कुजामा के समीप इकट्ठा करते हैं। इसके बाद रात के समय ट्रकों के जरिए कोयले को बाहर भेज दिया जाता है।

आउटसोर्सिंग परियोजना और साइडिंग से हो रही इस चोरी के कारण बीसीसीएल को प्रतिदिन लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है। सीमावर्ती क्षेत्र होने का फायदा उठाकर कोयला चोर तीसरा थाना क्षेत्र से कोयला चोरी कर लोदना ओपी क्षेत्र में खपाने का काम कर रहे हैं।

इतना ही नहीं, कच्चे कोयले के साथ-साथ पोरा कोयले की तस्करी भी जोरों पर है। डीपू, धौरा, कुजामा आदि क्षेत्रों में कोयला इकट्ठा कर उसे पोरा बनाकर बाहर भेजने का काम भी बड़े पैमाने पर किया जा रहा है।

स्थानीय लोग चाहकर भी इसका विरोध नहीं कर पा रहे हैं। एक स्थानीय व्यक्ति के अनुसार, शाम और सुबह के समय इस मार्ग से लोदना बाजार जाना काफी मुश्किल हो जाता है। कोयला तस्करों की मोटरसाइकिलें इतनी तेज गति से चलती हैं कि कभी भी दुर्घटना हो सकती है। कई बार लोगों को ठोकर भी लग चुकी है, लेकिन विरोध करने पर तस्कर समूह बनाकर दबाव बनाते हैं, जिससे लोग डर के कारण चुप रह जाते हैं।

महिलाएं भी शाम के बाद इस मार्ग से आने-जाने में कतराती हैं। क्षेत्र में बढ़ती इस समस्या से लोगों में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।

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