लेबर कोड व मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ मजदूरों का संघर्ष होगा तेज
सीसीएल मुख्यालय में सीटू की बैठक में लिया गया निर्णय
डीजे न्यूज, रांची: सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन (सीटू) राज्य कमिटी की बैठक में मजदूर विरोधी लेबर कोड और केन्द्र सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ संघर्ष को और तेज करने का निर्णय लिया गया। शुक्रवार को दरभंगा हाउस, सीसीएल हेडक्वार्टर मे सीटू के प्रदेश अध्यक्ष व निरसा के विधायक अरूप चटर्जी की अध्यक्षता में बैठक हुई। बैठक का संचालन कार्यकारी अध्यक्ष भवन सिंह ने किया। बैठक में आगामी 16 से 19 जुलाई को रांची में होने वाली सीटू की अखिल भारतीय वर्किंग कमिटी की बैठक को सफल बनाने का निर्णय लिया गया। इस बैठक में पूरे देश से सीटू के राष्ट्रीय और राज्य स्तर के लगभग 150 मजदूर नेता शामिल होंगे।
बैठक में सीटू झारखंड के महासचिव विश्वजीत देव ने प्रतिवेदन रखते हुए कहा कि मोदी सरकार की नीतियां साम्राज्यवाद के हितों के अनुरूप है और श्रमिक विरोधी है। मजदूर वर्ग को विभाजित करने के लिए भाजपा – आरएसएस अपने सांप्रदायिक एजेंडा को आक्रामक रूप से आगे बढ़ा रही है। झारखंड की खनिज संपदा को अडानी अम्बानी के हांथों में दिया जा रहा है, जिसके कारण विस्थापितों की समस्या बढ़ रही है। इस परिस्थिति में मजदूर आंदोलन को और तेज करना होगा।
विधायक और सीटू के प्रदेश अध्यक्ष अरूप चटर्जी ने कहा कि केन्द्र सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ हमें संघर्ष तेज करना होगा। राज्य के मजदूर – कर्मचारियों के हित में झारखंड में लेबर कोड लागू नहीं होना चाहिए। इसके लिए हेमंत सरकार को निर्णय लेना चाहिए। बैठक में राज्य के ज्वलंत मुद्दों को लेकर सितंबर में राज्यव्यापी प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया। बैठक में प्रकाश विप्लव, प्रतिक मिश्रा, आर पी सिहं, जयनारायण महतो, संजय पासवान, मीनू मूर्मू, अरूण सिहं, मानस चटर्जी, शैलेश कुमार, हरेंद्र यादव, प्रदीप विश्वास ने भी अपने विचार व्यक्त किया।