



कोई भी हमें हमारी जमीन से बेदखल नहीं कर सकता : सुदिव्य सोनू
डीजे न्यूज, पारसनाथ(गिरिडीह) : मरांग बुरु पारसनाथ पर्वत की पवित्र भूमि पर शुक्रवार को आदिवासी संथाल समाज द्वारा मनाया जाने वाला बहापर्व का समापन धूमधाम से किया गया। बहापर्व के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आगमन की सूचना थी परंतु किसी कारणवश मुख्यमंत्री नही पहुंच पाए।


वहीं झारखंड सरकार के पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू हवाई मार्ग से मधुबन पहुंचे। सुदिव्य कुमार सोनू के कार्यक्रम स्थल मरांग बुरु स्थित दिशोम मांझी थान पहुंचते ही आदिवासी संथाल समाज द्वारा भव्य स्वागत किया गया।
दिशोम मांझी थान पहुंचते ही पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू द्वारा विधिवत पूजा अर्चना करते हुए आदिवासी संथाल समाज के मंचीय कार्यक्रम की शुरुआत की ।

मंच पर आसीन मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू, राज्य के दर्जा प्राप्त मंत्री फागू बेसरा, घाटशिला विधायक सोमेश सोरेन, उपायुक्त रामनिवास यादव, पुलिस अधीक्षक डॉक्टर विमल कुमार, उप विकास आयुक्त स्मृति कुमारी समेत पार्टी कार्यकर्ता व आयोजन समिति के लोग थे।
उपायुक्त ने अपने संबोधन में कहा बहापर्व आदिवासी संस्कृति की पहचान है। इसे आनेवाले समय मे ओर भी बेहतर तरीके से आयोजित किया जाएगा। साथ ही राज्यकीय त्योहार के लिए अनुशंसा के लिए राज्य सरकार को भेज दिया गया है। वहीं फागु बेसरा व सोमेश सोरेन भी अपने संबोधन में जाहेर थान मरांग बुरु को आदिवासी संस्कृति का धरोहर बतलाया। साथ ही मरांग बुरु को आदिवासी समुदाय का शक्तिपीठ बतलाते हुए इसकी रक्षा करने की अपील की।
तत्पश्चात मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि धर्म व संस्कृति की रक्षा करना हर धर्म व समुदाय के लोगों का अधिकार है। मरांग बुरु आदिवासियों का था है और रहेगा। आने वाला समय मे मरंगबुरु ने चाहा तो इस आयोजन को ओर भी बेहतर बनाने का प्रयास करेंगे।
मुख्यमंत्री के न आने से आदिवासियों में निराशा
मरांग बुरु के बहापर्व के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर तमाम तरह की तैयारी पूरी की गई थी। प्रशासनिक महकमा से लेकर आयोजक समिति में उत्साह का माहौल था परंतु कार्यक्रम से चंद घंटे पूर्व मुख्यमंत्री के न आने की सूचना का असर कार्यक्रम पर पड़ा। कार्यक्रम मे शाम हजारों लोगों की भीड़ अपने मुखिया हेमंत को ढूंढ रही थी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के न आने से आदिवासी संथाल समाज के लोगों के मन छोटा हो गया। आदिवासी समुदाय में चर्चा का विषय बनना लाजमी था।




