



केंद्र सरकार की गलत निर्णयों के खिलाफ संघर्ष करेगा बीमा कर्मचारी संघ : धर्म प्रकाश

डीजे न्यूज, गिरिडीह : अखिल भारतीय बीमा कर्मचारी संघ के मंडलीय संयुक्त सचिव सह शाखा सचिव धर्म प्रकाश ने कहा कि बीमा कर्मचारी संघ केंद्र सरकार के गलत निर्णयों के खिलाफ संघर्ष करेगा। उक्त बातें धर्म प्रकाश ने सोमवार को 71वें जीवन बीमा व्यवसाय राष्ट्रीयकरण दिवस पर अखिल भारतीय बीमा कर्मचारी संघ गिरिडीह शाखा परिसर में आयोजित प्रेस वार्ता में कही। प्रेस वार्ता में अध्यक्ष संजय शर्मा, संयुक्त सचिव अनुराग मुर्मू , राजेश कुमार उपाध्याय, विजय कुमार, उपाध्यक्ष कुमकुम बाला वर्मा और उमानाथ झा उपस्थित थे।
धर्म प्रकाश ने कहा कि केंद्र सरकार ने सबका बीमा, सबकी सुरक्षा (बीमा कानून संशोधन) बिल 2025 पास कर दिया है। जिसमें बीमा व्यवसाय में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश को 74% से बढ़कर 100% कर दिया गया तथा कंपोजिट और कैपटिव इंश्योरेंस जैसी अवधारणाएं ला रही है। सरकार के इन कदमों से राष्ट्रीयकरण का मूल उद्देश्य कमजोर होगा तथा बीमा कारोबार 1956 से पहले वाली स्थिति में पहुंच जाएगी। बताया कि अखिल भारतीय बीमा कर्मचारी संघ ने अपने 27वें राष्ट्रीय अधिवेशन भुवनेश्वर में तय किया है कि केंद्र सरकार के इन गलत निर्णयों के खिलाफ जोरदार संघर्ष किया जाएगा, ताकि आम जनता के गाढ़ी कमाई द्वारा अर्जित बचत पूर्ण रूप से सुरक्षित रहे तथा लोगों के छोटे-छोटे बचतों को देश के विकास में लगाया जा सके। बताया कि
19 जनवरी 1956 को तत्कालीन केंद्र सरकार के द्वारा एक अध्यादेश के माध्यम से जीवन बीमा व्यवसाय का राष्ट्रीयकरण किया गया था। एक सितंबर 1956 को 245 से अधिक देशी-विदेशी निजी बीमा कंपनियों का अधिग्रहण कर भारतीय जीवन बीमा निगम की स्थापना की गई। एलआईसी के स्थापना का मूल उद्देश्य जनता का पैसा जनता के लिए तथा आम लोगों को आर्थिक सुरक्षा मुहैया कराना था। पां करोड़ की पूंजी से एलआईसी का गठन किया गया था। अपने मूल उद्देश्यों को पूरा करते हुए 31 मार्च 2025 तक देश के आधारभूत संरचना के विकास में 54 लाख करोड़ रुपए से अधिक का निवेश किया तथा 56 लाख करोड़ रुपए से अधिक का परिसंपत्ति अर्जित किया।



