



जटिल सर्जरी से महिला को मिली नई जिंदगी

समय पर ऑपरेशन नहीं किया जाता तो मरीज की जान को गंभीर खतरा हो सकता था : डॉ अनुज
डीजे न्यूज, गिरिडीह : शहर के मसीॅ हॉस्पिटल में चिकित्सकों ने एक 38 वर्षीय महिला की आंतों की गंभीर बीमारी का सफल ऑपरेशन कर उसे नई जिंदगी दी। मरीज को पेट फूलने, कब्ज (गैस व मल त्याग न होना) तथा भोजन के बाद पित्त की उल्टी की शिकायत के साथ आपातकालीन कक्ष में भर्ती कराया गया था।
परिजनों ने बताया कि तीन वर्ष पूर्व महिला की हिस्टरेक्टॉमी (गर्भाशय निकालने की सर्जरी) हुई थी। जांच के दौरान पेट में कड़ापन पाया गया तथा एक्स-रे में कई एयर-फ्लूइड लेवल दिखाई दिए, जो आंतों में रुकावट का संकेत दे रहे थे। अल्ट्रासाउंड जांच में आंतों की रुकावट की पुष्टि हुई। साथ ही पित्ताशय (गॉलब्लैडर) और डिंबग्रंथि (ओवरी) में सिस्ट की समस्या भी सामने आई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए चिकित्सकों ने तत्काल एक्सप्लोरेटरी लैप्रोटॉमी (पेट की सर्जरी) करने का निर्णय लिया। ऑपरेशन के दौरान पूर्व सर्जरी के कारण आंतों में चिपकाव पाया गया, जिससे आंतें आपस में जुड़ गई थीं। प्रभावित हिस्से को हटाकर स्टेपलर की सहायता से साइड-टू-साइड एनास्टोमोसिस (आंतों का जोड़) किया गया। साथ ही ओवरी की सिस्ट और पित्ताशय को भी सफलतापूर्वक निकाल दिया गया। सर्जरी के बाद पेट की संपूर्ण सफाई कर ड्रेन लगाया गया और मरीज को सुरक्षित रूप से आईसीयू में शिफ्ट किया गया। वर्तमान में मरीज की हालत स्थिर बताई जा रही है और वह तेजी से स्वस्थ हो रही है।
सर्जन डॉ अनुज लद्डा ने बताया कि यदि समय पर ऑपरेशन नहीं किया जाता तो मरीज की जान को गंभीर खतरा हो सकता था। अस्पताल प्रबंधन ने इसे गिरिडीह में जटिल सर्जरी के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया और कहा कि मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए अस्पताल निरंतर प्रयासरत है।




