जनस्वास्थ्य सर्वोपरि है: नगर आयुक्त नगर आयुक्त ने  की जलापूर्ति योजनाओं की समीक्षा

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जनस्वास्थ्य सर्वोपरि है: नगर आयुक्त

नगर आयुक्त ने  की जलापूर्ति योजनाओं की समीक्षा

डीजे न्यूज, धनबाद: धनबाद नगर निगम के नवपदस्थापित नगर आयुक्त आशीष गंगवार ने बुधवार को बैठक की। बैठक में नगर निगम क्षेत्र अंतर्गत संचालित समस्त जलापूर्ति योजनाओं, प्रगतिरत परियोजनाओं एवं जलापूर्ति से संबंधित समस्त तकनीकी एवं प्रशासनिक पहलुओं की व्यापक समीक्षा की।

उक्त बैठक में अपर नगर आयुक्त, सहायक नगर आयुक्त, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के तीनों कार्यपालक अभियंता, जुडको, एल एडं टी, श्रीराम ईपीसी, एनजेएस, समस्त जलापूर्ति संचालन एवं अनुरक्षण (O&M) एजेंसियों के प्रतिनिधि तथा नगर निगम के समस्त तकनीकी एवं प्रबंधकीय अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित रहे।

बैठक में नगर निगम, धनबाद शहरी क्षेत्र अंतर्गत संचालित चारों प्रमुख जलापूर्ति योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। इसके साथ ही DMFT पोषित फेज–2 जलापूर्ति संवर्धन योजना (L&T द्वारा क्रियान्वित) की प्रगति की समीक्षा करते हुए इनटेक वेल के निर्माण में आ रही कठिनाइयों, DVC, NHAI से संबंधित समन्वय संबंधी मुद्दों, अतिक्रमण, विभिन्न स्वीकृतियों में विलंब तथा सिंदरी क्षेत्र में विशेष रूप से उत्पन्न चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की गई।

नगर आयुक्त द्वारा AMRUT अंतर्गत फेज–1 जलापूर्ति परियोजना (श्रीराम EPC) की अत्यंत धीमी प्रगति पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित एजेंसी के विरुद्ध नियम संगत कार्रवाई हेतु निर्देश दिए गए। सभी कार्यदायी संस्थाओं को स्पष्ट रूप से आगाह किया गया कि परियोजनाओं की प्रगति में किसी भी प्रकार की शिथिलता अथवा लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी।

बैठक में जलापूर्ति नेटवर्क में लीकेज, तकनीकी दोषों एवं वितरण संबंधी समस्याओं की पहचान कर त्वरित सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। समयबद्ध जल गुणवत्ता परीक्षण सुनिश्चित करने तथा जल की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न करने पर विशेष बल दिया गया, यह स्पष्ट करते हुए कि जनस्वास्थ्य सर्वोपरि है।

नगर आयुक्त ने सभी परियोजनाओं में राज्य/केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों एवं मानकों के पूर्ण अनुपालन, समयबद्ध एवं लक्ष्य आधारित पूर्णता, कार्य अनुसूची  के सख्त पालन तथा नगर विकास एवं आवास विभाग को निर्धारित समयसीमा में प्रगति प्रतिवेदन प्रेषण के स्पष्ट निर्देश दिए।

साथ ही, घरेलू जल संयोजन से प्राप्त राजस्व की अत्यंत कमजोर स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए संबंधित एजेंसियों को राजस्व संग्रहण में त्वरित एवं प्रभावी सुधार हेतु कड़े निर्देश दिए गए तथा आवश्यकता पड़ने पर एजेंसियों पर दंडात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।

नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि जलापूर्ति से संबंधित समस्त परियोजनाओं का क्रियान्वयन पारदर्शिता, गुणवत्ता, जवाबदेही एवं समयबद्धता के सिद्धांतों पर किया जाएगा तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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