जमुनिया में अवैध कोयला उत्खनन स्थल पर कार्रवाई कई मुहानों को किया बंद, होंडा जनरेटर, दो मोटर, सैकड़ों मीटर पाइप जब्त

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जमुनिया में अवैध कोयला उत्खनन स्थल पर कार्रवाई

कई मुहानों को किया बंद, होंडा जनरेटर, दो मोटर, सैकड़ों मीटर पाइप जब्त

डीजे न्यूज, कतरास(धनबाद):  जमुनिया नदी के अस्तित्व को बचाने और अवैध कोयला उत्खनन पर अंकुश लगाने के लिए शुक्रवार को वन विभाग की पहल पर वन विभाग, बाघमारा पुलिस, सीआईएसएफ टीम और बीसीसीएल ने संयुक्त अभियान चलाया। टीम ने न्यू जमुनिया नदी पुल के समीप नदी के बीचो-बीच अवैध रूप से संचालित दर्जनभर मुहानों को जेसीबी मशीन से डोजरिंग कर बंद कर दिया।
कार्रवाई के दौरान टीम ने अवैध उत्खनन स्थल से दो होंडा जनरेटर, दो मोटर, सैकड़ों मीटर पाइप, तिरपाल, रस्सी सहित कई सामग्री जब्त की। मुहानों की भराई के बाद कोयला तस्करों में हड़कंप मच गया। टीम के सदस्यों ने बताया कि कुछ दिन पहले गुप्त सूचना मिली थी कि नदी की धारा को बाधित कर बीचों-बीच अवैध उत्खनन स्थल बनाया जा रहा है। इसी आलोक में संयुक्त छापेमारी कर मुहानों को बंद किया गया। अधिकारियों ने कहा कि इस धंधे में शामिल लोगों को चिन्हित कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
इसी दौरान सीआईएसएफ ने एक पोकलेन मशीन को भी रोककर रखा है। हालांकि समाचार लिखे जाने तक पुलिस को मशीन से संबंधित कोई लिखित या मौखिक शिकायत प्राप्त नहीं हुई थी। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि जमुनिया नदी के बीचो-बीच अवैध उत्खनन पर रोकथाम नहीं लगाई गई तो बीसीसीएल श्रमिक कॉलोनी माटीगढ़ा, ऑफिसर कॉलोनी और झारखंड सरकार की महत्वपूर्ण कतरास जलापूर्ति योजना प्रभावित होगी। लाखों की आबादी को नियमित जलापूर्ति बाधित हो सकती है। माटीगढ़ा, हरिणा और कतरास जैसे शहरों में पानी की भारी किल्लत हो जाएगी, जिसकी जिम्मेदारी बीसीसीएल प्रबंधन और जिला प्रशासन पर आएगी।

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