

























































जलाशयों पर अतिक्रमण नहीं होगा बर्दाश्त : नमन प्रियेश लकड़ा

देवघर उपायुक्त ने अधिकारियों को संयुक्त अभियान चलाने का दिया निर्देश
डीजे न्यूज, गिरिडीह : देवघर जिले में भूमि विवाद संबंधी मामलों के साथ-साथ जलाशयों एवं तालाबों में हो रहे अतिक्रमण (water bodies encroachment) को लेकर बुधवार को समाहरणालय सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त सह जिला दण्डाधिकारी श्री नमन प्रियेश लकड़ा एवं पुलिस अधीक्षक श्री सौरभ ने की।
बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले के विभिन्न जलाशयों (वॉटर बॉडीज) में हो रहे अतिक्रमण को पूरी तरह हटाने और जल स्रोतों के संरक्षण के लिए ठोस एवं समयबद्ध कार्य योजना तैयार करना रहा।
उपायुक्त श्री लकड़ा ने जिले के प्रमुख जलाशयों सहित तालाबों व अन्य जल स्रोतों की वर्तमान स्थिति की विस्तृत समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों से अतिक्रमण की स्थिति, अब तक की गई कार्रवाई तथा आगे की रणनीति पर जानकारी ली।
उन्होंने साफ कहा कि जलाशयों के आसपास अवैध अतिक्रमण किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उपायुक्त ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ संयुक्त अभियान चलाकर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि राजस्व नक्शे के अनुसार जलाशयों की मूल सीमा को चिह्नित कर अतिक्रमण मुक्त क्षेत्र को सुरक्षित किया जाए। उपायुक्त ने कहा कि जल स्रोतों का संरक्षण प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। अतिक्रमण से जल भंडारण क्षमता घटती है, जिससे पर्यावरण एवं भू-जल स्तर पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
उपायुक्त ने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि नदियों, जल स्रोतों की भूमि तथा आसपास की सरकारी भूमि पर यदि अतिक्रमण या अवैध निर्माण किया गया है या किया जा रहा है तो तत्काल प्रभाव से निर्माण कार्य बंद कराते हुए अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाए।
बैठक में डीएफओ, नगर आयुक्त, अपर समाहर्ता, सिविल सर्जन, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, जिला खनन पदाधिकारी, मधुपुर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी, संबंधित अंचलाधिकारी सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।



