जलापूर्ति योजनाओं को सुदृढ़ करने के लिए निगम ने कसी कमर
डीजे न्यूज, धनबाद: जलापूर्ति योजनाओं की प्रगति, चुनौतियों एवं भावी कार्ययोजना के व्यापक अवलोकन हेतु निगम और जामाडा के बीच सोमवार को उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में नगर क्षेत्र में जलापूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़, सुव्यवस्थित एवं सतत बनाने के उद्देश्य से विभिन्न परियोजनाओं एवं घटकों की बिंदुवार समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान संबंधित एजेंसी द्वारा अवगत कराया गया कि संबंधित कार्य पर आगामी एक सप्ताह के भीतर परिवर्तन प्रत्यक्ष होगा। नगर आयुक्त द्वारा निर्देशित किया गया कि कार्य की गुणवत्ता एवं समयसीमा का विशेष ध्यान रखते हुए नियमित प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाए।
कतरी नदी पर पाइपलाइन क्रॉसिंग से संबंधित विषय पर विस्तृत चर्चा करते हुए यह निर्देश दिया गया कि जल संसाधन विभाग (WRD) से आवश्यक अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) प्राप्त करने हेतु त्वरित एवं प्रभावी समन्वय स्थापित किया जाए, ताकि 16 अप्रैल तक अनुमोदन प्राप्त कर कार्य में किसी प्रकार की बाधा न उत्पन्न हो। इस संबंध में संबंधित पदाधिकारियों को व्यक्तिगत स्तर पर अनुवर्ती कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
नगर क्षेत्र के वार्ड संख्या 01 से 13 तक घरेलू जल संयोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया गया। इसके अंतर्गत शिविर आधारित व्यवस्था के माध्यम से नागरिकों को सरल, पारदर्शी एवं त्वरित प्रक्रिया के तहत जल संयोजन प्रदान किए जाएंगे। इस कार्य हेतु संबंधित एजेंसी को निर्देशित किया गया कि पर्याप्त मानव संसाधन एवं लॉजिस्टिक व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए इसी सप्ताह से अभियान प्रारंभ किया जाए तथा अधिकतम संख्या में लाभुकों को आच्छादित किया जाए।
यह भी निर्णय लिया गया कि 27 अप्रैल को जुडको (JUDCO) एवं अन्य कार्यान्वयन एजेंसियों के वरीय अधिकारियों के साथ एक विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें सभी लंबित कार्यों, प्रगति की स्थिति एवं अवरोधों के समाधान की दिशा में ठोस निर्णय लिए जाएंगे। उक्त बैठक को परिणामोन्मुख बनाने हेतु सभी संबंधित विभागों को अद्यतन प्रगति प्रतिवेदन तैयार रखने का निर्देश दिया गया।
WSS फेज-2 के अंतर्गत गोयल बिल्डिंग से गया पुल तक पाइपलाइन बिछाने के कार्य में उत्पन्न तकनीकी एवं संरचनात्मक बाधाओं की समीक्षा की गई। इस संदर्भ में यह अवगत कराया गया कि JBNL के पोल के स्थानांतरण की आवश्यकता है। नगर आयुक्त द्वारा संबंधित कार्यपालक अभियंता को निर्देशित किया गया कि संबंधित विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर यथाशीघ्र बैठक आयोजित कर इस बाधा का स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए।
इसके अतिरिक्त, भेलाटांड़ जलापूर्ति स्रोत से प्रतिदिन 10 MLD जल उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर बल दिया गया, जिससे ढांगी पहाड़ी क्षेत्र सहित अन्य प्रभावित क्षेत्रों में जलापूर्ति को स्थायित्व प्रदान किया जा सके। इस व्यवस्था के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु संबंधित एजेंसियों को समुचित समन्वय एवं निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
वार्ड संख्या 52 से 55 में L&T द्वारा संचालित कार्यों में उत्पन्न हो रही बाधाओं के संदर्भ में मेयर द्वारा निर्देशित किया गया कि किसी भी प्रकार की प्रशासनिक, स्थानीय अथवा अन्य बाधा के निराकरण हेतु त्वरित समन्वय स्थापित किया जाए। आवश्यकतानुसार उच्चस्तरीय हस्तक्षेप सुनिश्चित करते हुए कार्यों को बाधारहित रूप से संचालित किया जाए।
नव निर्मित जल मीनारों (मटकुरिया, चिरागोड़ा, लॉ कॉलेज एवं पांडरपाला) के संचालन हेतु आवश्यक भूमि की उपलब्धता के विषय पर भी चर्चा की गई। इस संदर्भ में जिला प्रशासन एवं संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक भूमि शीघ्र उपलब्ध कराने हेतु निर्देश जारी किए गए, ताकि अवसंरचना का समयबद्ध उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।
बैठक के समापन पर सभी संबंधित पदाधिकारियों एवं एजेंसियों को यह निर्देश दिया गया कि जलापूर्ति से संबंधित सभी परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा के भीतर, गुणवत्ता मानकों का अनुपालन करते हुए पूर्ण किया जाए। साथ ही, नागरिकों को निर्बाध, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता के रूप में सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए नियमित समीक्षा, अंतर-विभागीय समन्वय एवं जवाबदेही की प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा।
नगर निगम द्वारा पुनः यह आश्वस्त किया गया है कि जलापूर्ति व्यवस्था में सुधार एवं विस्तार हेतु सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं तथा नागरिकों के हित में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु निरंतर प्रयास जारी रहेंगे।