जिले का हर छात्र बनेगा डिजिटल साक्षर

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जिले का हर छात्र बनेगा डिजिटल साक्षर

कॉलेज एक लैब तैयार करके, प्रशिक्षण के लिए छात्रों को चिन्हित कर ले : उपायुक्त आदित्य रंजन

बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय के वीसी डॉ राम कुमार सिंह, रजिस्ट्रार सहित जिले के 25 कॉलेज के प्रधानाध्यापक के साथ उपायुक्त ने की बैठक

डीजे न्यूज, धनबाद : जिले के हर छात्र को डिजिटल साक्षर बनाने तथा उन्हें डिजिटल लिटरेसी और स्किल डेवलपमेंट का निःशुल्क प्रशिक्षण देने के उद्देश्य से उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन ने मंगलवार को समाहरणालय के सभागार में बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय के वीसी डॉ राम कुमार सिंह, रजिस्ट्रार सहित जिले के 25 कॉलेज के प्रधानाध्यापक के साथ बैठक की।

उपायुक्त ने कहा कि प्रारंभिक रूप से इस महीने गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक ने नेशनल इंस्टीट्यूट आफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इनफॉरमेशन टेक्नोलॉजी (निलेट) के साथ एमओयू किया है। यह जिले के छात्रों को डिजिटल साक्षर बनाने की शुरुआत है। इसके विस्तार के लिए विभिन्न कॉलेज के साथ भी निलेट का एमओयू करके छात्रों को डिजिटल साक्षर बनाने का लक्ष्य है।

उन्होंने कहा कॉलेज एक लैब तैयार करके, प्रशिक्षण के लिए छात्रों को चिन्हित कर लें। जैसे-जैसे छात्रों की संख्या बढ़ेगी वैसे-वैसे लैब का विस्तार किया जाएगा। जिला प्रशासन भी हर संभव सहायता प्रदान करेगा। केंद्र में छात्र ऑनलाइन स्किल ट्रेंनिंग कोर्स कर सकेंगे। वहीं फैकेल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम, सेमिनार, वर्कशॉप और गेस्ट लेक्चर भी आयोजित होंगे। विद्यार्थियों को प्लेसमेंट सपोर्ट और कैरियर गाइडेंस भी दिया जाएगा।

बैठक में नेशनल इंस्टीट्यूट आफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इनफॉरमेशन टेक्नोलॉजी (निलेट) के कार्यकारी निदेशक प्रोफेसर डॉक्टर नितिन कुमार पूरी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से छात्रों के लिए रोजगारोन्मुखी दीर्घ व लघु अवधि के प्रशिक्षण कोर्स से अवगत कराया।

उन्होंने बताया कि निलेट द्वारा एनएसक्यूएफ अलाइन ट्रेनिंग प्रोग्राम के तहत कंप्यूटर कॉन्सेप्ट्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, बेसिक कंप्यूटर, एडवांस कंप्यूटर सहित अन्य स्ट्रीम में प्रशिक्षण दिया जाएगा। एनएसक्यूएफ-अलाइन कोर्स को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त है। इंडस्ट्री के अनुसार सिलेबस तैयार किया गया है। छात्रों को हैंड्स-ऑन प्रैक्टिकल ट्रेनिंग दी जाती है। इससे प्लेसमेंट में मदद मिलेगी और करियर गाइडेंस किया जाता है। वहीं कोर्स पूरा होने के बाद छात्रों के कोर्स क्रेडिट को एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट्स (एबीसी) में जोड़ दिया जाता है।

बैठक के दौरान अजीम प्रेमजी स्कॉलरशिप के बारे में संस्थान के प्रतिनिधि चंदन श्रीवास्तव ने विस्तार से जानकारी दी। बताया कि यह स्कॉलरशिप स्नातक या स्नातक स्तरीय डिप्लोमा के पहले वर्ष में पढ़ने वाली छात्राओं, जिन्होंने दसवीं और बारहवीं सरकारी विद्यालय से किया है, को प्रति वर्ष 30 हजार रुपए दिया जाएगा। उन्होंने स्कॉलरशिप फॉर्म भरने के लिए जरूरी प्रक्रिया और डॉक्यूमेंट्स के बारे में भी बताया। साथ ही बताया कि फॉर्म भरने की अंतिम तिथि 31 जनवरी है।

मौके पर डीएमएफटी पीएमयू टीम लीडर शैलेश तिवारी, आकाश कुमार गुप्ता (पीएम-एमआईएस), अमर कुमार श्रीवास्तव (पीएम-लाइवलीहुड एंड स्कील्स) भी मौजूद थे।

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