झारखंड उच्च न्यायालय में न्यायाधीशों की कमी से बढ़ रहा लंबित मामलों का बोझ

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झारखंड उच्च न्यायालय में न्यायाधीशों की कमी से बढ़ रहा लंबित मामलों का बोझ

 

सामाजिक कार्यकर्ता सुनील खंडेलवाल ने न्याय विभाग दिल्ली को पत्र भेजकर रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्ति की उठाई मांग

डीजे न्यूज, गिरिडीह : झारखंड उच्च न्यायालय में न्यायाधीशों के कुल 25 स्वीकृत पद हैं, जिनमें से वर्तमान में कई पद रिक्त पड़े हुए हैं। इन रिक्तियों के कारण न्यायालय में लंबित मामलों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है, जिससे आम नागरिकों को समय पर न्याय प्राप्त करने में गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

न्यायाधीशों की कमी के कारण मामलों के निष्पादन की गति धीमी हो गई है, जिससे वर्षों तक मुकदमे लंबित रह जाते हैं। इससे न्याय व्यवस्था की प्रभावशीलता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

शहर के सामाजिक एवं सूचना अधिकार कार्यकर्ता सुनील खंडेलवाल ने नई दिल्ली स्थित न्याय विभाग को पत्र भेजकर झारखंड उच्च न्यायालय में रिक्त न्यायाधीशों के पदों पर अविलंब नियुक्ति करने की मांग की है।

उन्होंने अपने पत्र में कहा कि न्याय में विलंब, न्याय से वंचित होने के समान है। लाखों वादकारियों की उम्मीदें न्यायालय से जुड़ी होती हैं, लेकिन न्यायाधीशों की कमी के कारण मामलों का निपटारा अत्यधिक धीमी गति से हो रहा है।

पत्र में यह भी कहा गया है कि रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया को प्राथमिकता देते हुए शीघ्र पूरा किया जाए, ताकि लंबित मामलों का त्वरित निपटारा सुनिश्चित हो सके और आम जनता का न्यायपालिका पर विश्वास और मजबूत हो।

खंडेलवाल का पत्र आवश्यक कार्रवाई के लिए नियुक्ति प्रभाग के निदेशक नारायण प्रसाद के पास भेज दिया गया है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि जनहित को देखते हुए जल्द ही इस दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।

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