झारखंड में 10 लाख लोगों तक पहुंचा सीपीएम का संदेश

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झारखंड में 10 लाख लोगों तक पहुंचा सीपीएम का संदेश

डीजे न्यूज, रांची: सीपीआई (एम) के अखिल भारतीय आह्वान पर आगामी 24 मार्च को रामलीला मैदान में मेहनतकशों के जुटान की तैयारी में झारखंड में दो केंद्रीय जत्था निकाला गया था। पहला जत्था झारखंड के दक्षिणी छोटानागपुर इलाके के एक एतिहासिक स्थल जहां भारत के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम से बहुत पहले 1831-32 में ब्रिटिश साम्राज्यवाद के खिलाफ आदिवासी जनता ने  कोल और लरका विद्रोह किया था और जिसका नेतृत्व बीर बुधु भगत ने किया था और ब्रिटिश शासकों  और दलाल महाजनों  के खिलाफ अथक संघर्ष करते हुए अपनी शहादत दी थी। भारत की आजादी के आंदोलन का यह एक गौरवशाली अध्याय है। रांची जिले के शिलागाई स्थित इसी शहीद स्मारक से बीर बुधु भगत को श्रद्धांजलि देकर सीपीआई (एम) के पहले जन आक्रोश जत्थे ने अपनी यात्रा की शुरूआत की। जत्थे को पार्टी राज्य कमिटी सदस्य और जनवादी महिला समिति की राज्य सचिव वीना लिंडा ने झंडा दिखाकर रवाना किया था। इस जत्थे ने राज्य के तीन जिलों रांची, लोहरदगा और गुमला के 23 प्रखंडों में 647 किलोमीटर की यात्रा की और 100 से ज्यादा सभाओं के माध्यम से जन संपर्क कर दिल्ली रैली का संदेश दिया।  दूसरा केंद्रीय जत्था संताल परगना के मुख्यालय दुमका के संताल हूल के योद्धाओं सिदो – कान्हो स्मृति स्थल से निकला जिसने आदिवासी बहुल दुमका और पाकुड़ जिले के 6 प्रखंडों के एक सौ ज्यादा ज्यादा गांवों में जन संपर्क अभियान चलाया।  जत्था अभियान के दौरान ही अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया गया और महिलाओं के अधिकारों की रक्षा का संकल्प लिया गया। इस दौरान यहां कोयला खनन से प्रभावित क्षेत्रों के ग्रामीणों के बीच जन सुनवाई भी हुई जिससे पता चला कि यहां खनन से बड़े पैमाने पर हुए विस्थापन, प्रदूषण, बर्बाद होती खेती और पेयजल संकट से आम ग्रामीण काफी कठिनाईयों का सामना कर रहे हैं।
दोनों जत्थे का समापन मुंडा विद्रोह की एतिहासिक धरती बुंडू जो किसान आंदोलन का एक प्रमुख केंद्र रहा है, जहाँ 70 – 80 के दशक में पार्टी के प्रख्यात नेता काॅ. राजेन्द्र सिंह मुंडा के नेतृत्व में जमींदारों और भू माफियाओं के खिलाफ किसान सभा के बैनर तले संघर्ष कर गरीबों की हड़पी हुई जमीन वापस कराए जाने का काम किया गया था, वहीं एक रंगारंग विशाल जुलूस और प्रभावी उपस्थिति वाले जनसभा से हुयी।  इस जनसभा की अध्यक्षता
पार्टी के सचिवमंडल सदस्य सुरेश मुंडा ने की।  जनसभा को संबोधित करते हुए पार्टी के वरिष्ठ नेता  बृन्दा कारात ने 24 मार्च की दिल्ली रैली से संबंधित जनता की माँगों के संबंध के बारे में बताया। सभा को सचिवमंडल सदस्य सुखनाथ लोहरा, समीर दास, किसान सभा के राज्य महासचिव सुफल महतो, राज्य कमिटी सदस्य मदुआ कच्छप, अमल आजाद और रांची जिला सचिव प्रफुल लिंडा, गुमला जिला सचिव शंकर उरांव ने संबोधित किया।
जिस जिले में केंद्रीय जत्था नहीं पहुंचा वहां जिला स्तरीय जत्था निकाला गया। समाचार लिखे जाने तक धनबाद, बोकारो, साहेबगंज, कोडरमा, पूर्वी सिंहभूम और जामताड़ा जिले में जत्था का कारवां चल रहा था। इसके अलावा चतरा जिले में पार्टी के प्रभाव वाले प्रखंडों में बड़े पैमाने पर ग्राम सभा आयोजित की गयी।  इस अभियान में राज्य केंद्र से पोस्टर, स्टीकर, फोल्डर, बैज समेत 50 हजार हैंडबिल प्रकाशित किया गया। जिला कमिटियों ने भी एक लाख से ज्यादा पर्चा प्रकाशित कर वितरित किया।  उल्लेखनीय है कि झारखंड में रमजान, ईद, आदिवासियों का प्रमुख त्योहार सरहुल और नवरात्र और चैती छठ जैसे प्रमुख त्योहारों के बावजूद दिल्ली रेली के लिए प्रभावी अभियान चलाया गया। झारखंड से दो हजार से ज्यादा किसान – मजदूर, महिला, छात्र – युवा दिल्ली रैली में शामिल होंगें। यह जानकारी राज्य सचिव
प्रकाश विप्लव ने दी है।

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