झारखंड जातीय पार्टी का झारखंड पीपुल्स पार्टी में विलय 1 मार्च को आपातकालीन महाधिवेशन, 15 फरवरी को पश्चिम बंगाल राज्य सम्मेलन की घोषणा बृहद झाड़खंड और बेहतर झाड़खंड का लिया गया  संकल्प

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झारखंड जातीय पार्टी का झारखंड पीपुल्स पार्टी में विलय

1 मार्च को आपातकालीन महाधिवेशन, 15 फरवरी को पश्चिम बंगाल राज्य सम्मेलन की घोषणा

बृहद झाड़खंड और बेहतर झाड़खंड का लिया गया  संकल्प

डीजे न्यूज, रांची: झारखंड पीपुल्स पार्टी का 35वा स्थापना दिवस मंगलवार को रांची स्थित विधायक क्लब में ऑल झारखंड स्टुडेंट्स यूनियन (आजसू) तथा झारखंड पीपुल्स पार्टी के संध्यापक सूर्य सिंह बेसरा की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। इस अवसर पर पश्चिम बंगाल के  गौर चन्द्र हेंब्रम मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे।
उन्होंने वर्तमान झारखंड राज्य के साथ पश्चिम बंगाल राज्य के मिदनापुर, पुरुलिया और बांकुड़ा तीन जिलों को शामिल करने की शर्त पर झारखंड जातीय पार्टी को झारखंड पीपुल्स पार्टी में विलय कर दिया गया। गौर चन्द्र हेंब्रम को धन्यवाद देते हुए पूर्व विधायक सूर्य सिंह बेसरा ने उन्हें  पश्चिम बंगाल राज्य कमिटी के अध्यक्ष के पद पर मनोनीत किया। इसी के साथ ही आगामी 15 फरवरी को बांकुड़ा स्थित मणिमुकुटपुर में झारखंड पीपुल्स पार्टी की पश्चिम बंगाल राज्य सम्मेलन आयोजित करने का घोषणा किया गया।
जेपीपी के केंद्रीय अध्यक्ष सूर्य सिंह बेसरा ने अपने अध्यक्षीय भाषण देते हुए आगामी 1 मार्च को झारखंड पीपुल पार्टी का आपातकालीन महाधिवेशन रांची में आयोजित करने का घोषणा किया। आजसू के संस्थापक बेसरा ने उपस्थित प्रतिनिधियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि झारखंड राज्य 25 वर्षों में 25 सवालों के कठघेरे में खड़ी है।  इन 25 वर्षों के अंतराल में विधानसभा की 6 बार चुनाव सम्पन्न हुई और तो और 14 वार मुख्यमंत्री बदली गई, फिर भी झारखंड की तस्वीर और झारखंडियों की तक़दीर नहीं बदली। परिवर्तन के नाम पर सिर्फ नेतृत्व परिवर्तन और सत्ता परिवर्तन हुआ है, व्यवस्था में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है। 1932 की खतियान के आधार पर स्थानीय नीति तथा 77 प्रतिशत आरक्षण नीति 9 वी अनुसूची में शामिल किए जाने के पेंच में अधर में लटक गईं हैं।

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