


झरिया की समस्याओं के समाधान को लेकर बनी रणनीति 
डीजे न्यूज, तिसरा(धनबाद) : झरिया के भविष्य और क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं को लेकर रविवार को अग्रवाल धर्मशाला परिसर, झरिया में “झरिया को उसका हक दे दो” के विचार के साथ जन जागरूकता बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता शिवबालक पासवान ने की, जबकि मंच संचालन अनिल कुमार जैन ने किया। कार्यक्रम के अंत में महेश शर्मा ने धन्यवाद ज्ञापन दिया।
बैठक में उपस्थित लोगों ने कहा कि झरिया में कई समस्याएं हैं, लेकिन यहां के लोगों में जिंदादिली और हार न मानने का जज्बा भी है। इसी भावना के साथ क्षेत्र के विकास के लिए एकजुट होकर प्रयास करने की जरूरत है।
महेंद्र सिंह मीनू ने कहा कि झरिया हमारी जन्मभूमि है और इसके सर्वांगीण विकास के लिए जो भी जरूरी होगा, हम सब मिलकर करेंगे।
अखलाख अहमद ने कहा कि झरिया कोलफील्ड बचाओ समिति का पुनरुद्धार आवश्यक है और इसे पूरी तरह मजबूत किया जाना चाहिए।
अनूप साव ने कहा कि झरिया का भविष्य अधर में है और इसकी दुर्गति का एक कारण गलत तरीके से चल रही आउटसोर्सिंग कंपनियां और उनका समर्थन करने वाले जनप्रतिनिधि हैं।
समरेंद्र पासवान ने कहा कि झरिया वासी एकजुट हैं और जो भी कार्य नीति और नियम के विरुद्ध होंगे, उनका विरोध किया जाएगा।
भीम निषाद ने कहा कि पांडेबेरा, फतेहपुर और लिलोरी पथरा के लोगों को पलायन के लिए मजबूर किया जा रहा है, जिसे रोकने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी है।
राजेंद्र रजवार ने कहा कि किसी भी कार्य को सफल बनाने के लिए ठोस रणनीति और प्लानिंग की आवश्यकता होती है।
मनोज सिंह ने कहा कि बढ़ते प्रदूषण के खिलाफ लड़ाई के लिए हरियाली बढ़ाना बेहद जरूरी है।
बैठक में सर्वसम्मति से कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इनमें झरिया को उसका हक दिलाने की मांग प्रमुख रही। वक्ताओं ने कहा कि जब सरकार झरिया से सभी तरह के टैक्स लेती है तो जमीन का मालगुजारी रसीद क्यों नहीं कटता। साथ ही झरिया में पानी की अनियमित आपूर्ति और पानी के बिल में गड़बड़ी को लेकर नगर निगम से विभिन्न क्षेत्रों में खुला कैंप लगाने की मांग की गई।
बैठक में झरिया की बिगड़ी बिजली व्यवस्था पर भी रोष व्यक्त किया गया। लोगों ने कहा कि झरिया में दिन के समय 8 से 10 घंटे बिजली नहीं मिलती है, जबकि गर्मी का मौसम आने वाला है। इस समस्या के समाधान के लिए विधायक और महापौर से पहल करने की मांग की गई।
इसके अलावा सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि झरिया कोलफील्ड बचाओ समिति को पुनर्जीवित किया जाएगा और जल्द से जल्द इसका चुनाव कराया जाएगा। यह भी तय किया गया कि झरिया क्षेत्र में होने वाले किसी भी विकास कार्य में स्थानीय जनता की भागीदारी और सहमति अनिवार्य होगी।
बैठक में समिति के विस्तार के लिए जल्द ही पदयात्रा निकालने तथा भविष्य में फिर से बैठक कर अन्य समस्याओं और उनके समाधान पर चर्चा करने का निर्णय लिया गया। साथ ही महापौर और विधायक को आमंत्रित कर खुली चर्चा करने की भी योजना बनाई गई।
इस मौके पर अशोक अग्रवाल, बृजमोहन शर्मा, मनीष यादव, भीम निषाद, सुमित कुमार प्रसाद, कुंदन कुमार मोदक, गौतम बैनर्जी, संजय तिवारी, अखलाख अहमद, मनोज सिंह, मनदीप साव, योगेंद्र प्रसाद, रवि केशरी, राजेंद्र रजवार, महेश शर्मा, दिनेश पांडे, सूरज कुमार साह, सोमनाथ चटर्जी, अनूप साव, अजय कुमार सिंह, भगवान साहू, सूरज कुमार महतो, सतनारायण भोजगढ़िया, जय प्रकाश गुप्ता, राजू साव, संगीता दे, राजेंद्र रजवार, ग्रेसी रजवार, समरेन्द्र पासवान, मुकेश राणा, अमित कुमार बरनवाल, शिवबालक पासवान सहित कई लोग उपस्थित थे।



