

















































झामुमो स्थापना दिवस भावनात्मक और ऐतिहासिक दोनों होगा : मथुरा महतो 

इस बार दिशोम गुरु के बिना मनाया जाएगा स्थापना दिवस, टुंडी से हर गांव-टोला पहुंचेगा गोल्फ ग्राउंड
डीजे न्यूज, टुंडी(धनबाद) : झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) धनबाद इकाई के 53वें स्थापना दिवस को आगामी 4 फरवरी को ऐतिहासिक बनाने को लेकर शनिवार को टुंडी शिबू सोरेन डिग्री कॉलेज के सभागार में टुंडी प्रखंड कमिटी की ओर से एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में बतौर मुख्य अतिथि टुंडी के लोकप्रिय विधायक सह सत्तारूढ़ दल के मुख्य सचेतक मथुरा प्रसाद महतो उपस्थित रहे।
बैठक को संबोधित करते हुए मथुरा प्रसाद महतो ने कहा कि “इस बार धनबाद झामुमो का स्थापना दिवस हम अपने प्रिय अभिभावक तुल्य स्व. दिशोम गुरु शिबू सोरेन के बिना पहली बार मनाने जा रहे हैं, इसलिए यह कार्यक्रम भावनात्मक और ऐतिहासिक दोनों होगा।” उन्होंने कहा कि 4 फरवरी को गोल्फ ग्राउंड में आयोजित स्थापना दिवस समारोह में टुंडी प्रखंड के किसी भी गांव-टोले का कोई भी कार्यकर्ता या आम ग्रामीण छूटे नहीं, इसके लिए पंचायत स्तर पर वाहन व्यवस्था एवं आवागमन की सूची तैयार करने पर विशेष चर्चा की गई है।
मथुरा महतो ने कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए कहा कि इस बार टुंडी से अधिक से अधिक ग्रामीणों को कार्यक्रम स्थल तक पहुंचाया जाएगा, ताकि वे हमारे मुख्यमंत्री आदरणीय हेमंत सोरेन के संबोधन को सुन सकें और राज्य की अबुआ सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं तथा आने वाले दिनों की सरकार की रूपरेखा से सीधे अवगत हो सकें। उन्होंने स्थापना दिवस को हर वर्ष की भांति पर्व के रूप में मनाने का आह्वान किया।
बैठक में मुख्य रूप से झामुमो के केंद्रीय सदस्य गुरुचरण बास्की, महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष मीना हेम्ब्रम, अल्पसंख्यक जिलाध्यक्ष अजीमुद्दीन अंसारी, बसंत महतो, झामुमो प्रखंड अध्यक्ष फूलचंद किस्कू, सचिव अब्दुल रसीद अंसारी, छुटू अंसारी, श्रवण टुडू, शहादत अंसारी, रामेश्वर बास्की, श्रवण बेसरा, सुरेंद्र सोरेन, अनवर अंसारी, बालेश्वर सोरेन, सुनील कुमार बेसरा, बबलू सिंह, इसलाम अनवर, कृष्णा मंडल, गणी अंसारी, सन्तु लाल किस्कू सहित बड़ी संख्या में प्रखंड एवं पंचायत स्तर के पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित थे। बैठक के दौरान स्थापना दिवस को सफल और ऐतिहासिक बनाने को लेकर रणनीति तय की गई तथा सभी कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर कार्यक्रम को भव्य स्वरूप देने की अपील की गई।



