जैन तीर्थस्थल मधुबन में उमड़े श्रद्धालु, एसडीपीओ की सख्ती से संभली व्यवस्था

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जैन तीर्थस्थल मधुबन में उमड़े श्रद्धालु, एसडीपीओ की सख्ती से संभली व्यवस्था
डीजे न्यूज, पीरटांड़ (गिरिडीह) : झारखंड–बिहार की सर्वोच्च चोटी एवं जैन धर्म के विश्व प्रसिद्ध तीर्थस्थल मधुबन (श्री सम्मेद शिखरजी) में 20 दिसंबर से लगातार श्रद्धालुओं और पर्यटकों की आवाजाही बढ़ती जा रही है। इसी कड़ी में रविवार को मधुबन में जबरदस्त भीड़ देखने को मिली। हालात ऐसे हो गए कि पार्किंग की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई, जिसके बाद डुमरी एसडीपीओ को स्वयं मौके पर पहुंचना पड़ा।
भीड़ को नियंत्रित करने के लिए एसडीपीओ सुमित प्रसाद ने सख्ती दिखाते हुए नियमों के तहत पुलिस को कार्रवाई के निर्देश दिए। बिना हेलमेट के बाइकर्स की जांच शुरू होते ही स्थिति पर तुरंत नियंत्रण पाया गया। कल्याण निकेतन से लेकर पारसनाथ पहाड़ तक देर शाम तक श्रद्धालुओं का आवागमन जारी रहा। बड़ी संख्या में श्रद्धालु पारसनाथ पहाड़ पहुंचे और जैन मंदिरों में दर्शन–पूजन किया।
इधर विधि–व्यवस्था को लेकर एसडीपीओ सुमीत प्रसाद पूरे दिन मुस्तैद नजर आए। सुबह से ही वे सिद्धायातन संस्था के बगल में लगाए गए बैरिकेडिंग स्थल पर मौजूद रहकर वाहनों को निर्धारित पार्किंग रूट की ओर भेजते रहे। उन्होंने मधुबन आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों से अपील की कि वाहन इधर–उधर खड़ा न करें।
एसडीपीओ ने स्पष्ट कहा कि शिखरजी तीर्थ क्षेत्र में मांसाहार एवं मदिरापान पूर्णतः वर्जित है। साथ ही दुकानदारों को सख्त निर्देश दिया गया कि वे सड़क किनारे दुकानें न लगाएं। पारसनाथ पहाड़ क्षेत्र में बाइक परिचालन पर भी पूर्ण रूप से रोक लगा दी गई है। उन्होंने प्रशासन द्वारा जारी दिशा–निर्देशों का पालन करने की सभी से अपील की।
एसडीपीओ सुमीत प्रसाद ने बताया कि पारसनाथ पहाड़ अब केवल तीर्थस्थल ही नहीं, बल्कि एक प्रमुख पर्यटन क्षेत्र के रूप में भी देखा जाने लगा है। यही कारण है कि दिसंबर और जनवरी के महीनों में पूरे देश भर से श्रद्धालु और पर्यटक यहां बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। प्रशासन का प्रयास है कि जैन तीर्थस्थल की पवित्रता बनी रहे और श्रद्धालुओं को सुरक्षित व सुव्यवस्थित दर्शन की सुविधा मिल सके।

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