हरलाडीह किशोरी सामूहिक दुष्कर्म कांड से भड़का आदिवासी समाज, ओपी का घेराव 

Advertisements

हरलाडीह किशोरी सामूहिक दुष्कर्म कांड से भड़का आदिवासी समाज, ओपी का घेराव

 

पांच फरवरी तक आरोपियों की नहीं हुई गिरफ्तारी तो अनिश्चितकालीन ओपी घेराव का अल्टीमेटम 

डीजे न्यूज, पीरटांड़(गिरिडीह) : पीरटांड़ प्रखंड के हरलाडीह ओपी क्षेत्र में दो आदिवासी किशोरियों के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म की जघन्य घटना को लेकर संथाल समाज में भारी आक्रोश देखने को मिला। रविवार को बड़ी संख्या में संथाल समाज के महिला-पुरुष हरलाडीह ओपी पहुंचे और पुलिस प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हुए ओपी का घेराव किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी, पीड़िता को न्याय और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।

घेराव की सूचना मिलते ही प्रशासनिक महकमा हरकत में आया। मौके पर एसडीपीओ सुमित प्रसाद, बीडीओ मनोज कुमार मरांडी, सीओ ऋषिकेश मरांडी सहित स्थानीय पुलिस पदाधिकारी पहुंचे और आक्रोशित लोगों से बातचीत कर स्थिति को शांत करने का प्रयास किया। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को भरोसा दिलाया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है और दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। इस पर संथाल समाज के लोगों ने पांच फरवरी तक अल्टीमेटम दिया है। पांच फरवरी तक अगर आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती है तो आगे से पूरा समाज अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन करेगा।

एसडीपीओ सुमित प्रसाद ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि दुष्कर्म जैसी घटनाएं समाज के लिए कलंक हैं और पुलिस इस मामले में त्वरित कार्रवाई कर रही है।कई थाना प्रभारियों के साथ वे कैंप कर रहे हैं। और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। उन्होंने लोगों से कानून को हाथ में न लेने और जांच में प्रशासन का सहयोग करने की अपील की।

वहीं बीडीओ मनोज कुमार मरांडी ने कहा कि प्रशासन अपना काम कर रहा है। जल्द ही आगे की कार्रवाई होगी।

प्रदर्शन के दौरान संथाल समाज के लोगों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। प्रशासनिक अधिकारियों के आश्वासन के बाद लोग शांत हुए और घेराव समाप्त किया।

इस घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है, लेकिन पुलिस बल की तैनाती कर स्थिति पर नियंत्रण रखा जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि कानून व्यवस्था से किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा और पीड़िता को न्याय दिलाना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। संथाल समाज के लोगों ने पीरटांड़ में जतरा और शराब को बंद कराने की मांग प्रशासन से की है ताकि इस तरह की घटना न घटे। मौके पर अशोक हेंब्रम, सिकन्दर हेंब्रम, सुशांत सोरेन, राजेश सोरेन,अर्जुन टुडू आदि मौजूद थे।

Social media & sharing icons powered by UltimatelySocial
Scroll to Top