हाट, हुनर और सहकारिता : नाबार्ड की सीजीएम का व्यापक दौरा
नाबार्ड की सीजीएम दीपमाला घोष ने की आजीविका एवं सहकारी सशक्तिकरण कार्यों की समीक्षा
डीजे न्यूज, गिरिडीह : राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड), झारखंड क्षेत्रीय कार्यालय की मुख्य महाप्रबंधक (सीजीएम) दीपमाला घोष ने गिरिडीह जिले का दौरा कर गांडेय, बिरनी एवं जमुआ प्रखंडों में संचालित विभिन्न विकासात्मक गतिविधियों की समीक्षा की।
गांडेय प्रखंड का दौरा
महेशमुंडा, गांडेय में आयोजित एलईडीपी (Livelihood and Enterprise Development Programme) अंतर्गत कालीन बुनाई प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन सत्र में श्रीमती घोष ने भाग लिया। इस अवसर पर HDFC Bank द्वारा चयनित प्रशिक्षुओं को ऋण स्वीकृति पत्र वितरित किए गए। उन्होंने लाभार्थियों से संवाद करते हुए उत्पादन, मूल्य संवर्धन एवं विपणन के समन्वित मॉडल को अपनाने पर बल दिया।
बिरनी एवं जमुआ प्रखंड का दौरा
श्रीमती घोष ने पेशम एवं केंदुआ ग्राम पंचायतों में नाबार्ड समर्थित ग्रामीण हाट का निरीक्षण किया। उन्होंने हाट की संरचना एवं सामुदायिक भागीदारी की सराहना करते हुए इसके दीर्घकालिक संचालन हेतु रखरखाव निधि (Maintenance Fund) के सृजन एवं पारदर्शी प्रबंधन की आवश्यकता पर बल दिया।
चुंगलो एमपीसीएस, जमुआ का दौरा
जमुआ स्थित चुंगलो बहुउद्देश्यीय सहकारी समिति (MPCS) में श्रीमती घोष ने निदेशक मंडल एवं सदस्यों के साथ बैठक की। उन्होंने समिति को शीघ्र कंप्यूटरीकरण कर ई-पीएसीएस (EPACS) में रूपांतरण हेतु प्रेरित किया, जिससे विभिन्न भारत सरकार एवं नाबार्ड योजनाओं का लाभ लिया जा सके। यह पीएसीएस नाबार्ड के सहकारी विकास कोष (CDF), मोबाइल वैन पहल तथा भारत सरकार की WLGSP योजना के अंतर्गत चयनित है।
इस दौरे में नाबार्ड गिरिडीह के डीडीएम आशुतोष प्रकाश एवं सहायक प्रबंधक निखिल गोतेफोडे की सक्रिय भागीदारी रही।
यह दौरा ग्रामीण आजीविका सुदृढ़ीकरण, सहकारी सुधार एवं सतत विकास के प्रति नाबार्ड की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। मौके पर कई किसान और महिला समूह के पदाधिकारीगण मौजूद थे।