



गुजरात से आया आदिवासी प्रवासी मजदूर का पार्थिव शरीर, गांव में मातम

डीजे न्यूज, बगोदर (गिरिडीह) : बगोदर थाना क्षेत्र के मुंडरो पंचायत के कोल्हारिया गांव के आदिवासी प्रवासी मजदूर दिनेश कोल्ह (उम्र 30 वर्ष) का पार्थिव शरीर गुजरात से गुरुवार दोपहर गांव पहुंचते ही पूरे इलाके में शोक की लहर फैल गई। ग्रामीणों और परिजनों के बीच माहौल गमगीन हो गया।
बताया जाता है कि स्वर्गीय चैता कोल्ह के पुत्र दिनेश कोल्ह करीब दो महीने पहले टावर लाइन का कार्य करने गुजरात गया था। वहीं कार्यस्थल पर दो दिन पहले करंट लगने से उसकी मृत्यु हो गई। परिवार का वह एकमात्र कमाऊ सदस्य था। उसकी अचानक मौत से दो नाबालिग पुत्र, पत्नी और वृद्ध मां पर संकट का पहाड़ टूट पड़ा है। शुक्रवार को ग्रामीणों ने नम आंखों से उसे अंतिम विदाई दी। सूचना मिलते ही प्रवासी मजदूरों के हितों के प्रति सक्रिय बगोदर के पूर्व विधायक विनोद कुमार सिंह शुक्रवार को कोल्हारिया पहुंचे। उन्होंने शोकाकुल परिजनों को ढांढस बंधाया और हरसंभव मदद का भरोसा दिया। गुरुवार की दोपहर पार्थिव शरीर पहुंचने के बाद मुंडरो और आसपास के कई राजनीतिक एवं सामाजिक कार्यकर्ता भी गांव पहुंचे तथा परिवार को सांत्वना दी। सैकड़ों ग्रामीणों की मौजूदगी में मृतक के आश्रितों को कंपनी द्वारा 6 लाख रुपये मुआवजा, काम पर ले जाने वाले ठेकेदार द्वारा 1 लाख रुपये सहायता राशि, तथा झारखंड सरकार की ओर से 1.5 लाख रुपये मुआवजा दिलाने पर सहमति बनी। कंपनी ने जीवन बीमा के लाभ दिलाने में भी सहयोग का आश्वासन दिया। मौके पर मुख्य रूप से उमेश मंडल, पवन महतो, बंधन महतो, कौलेश्वर मंडल, तेजनारायण पासवान, जगदीश महतो, राजेश मंडल, शंकर महतो, राजू सिंह, दीपू मंडल, रवि सिंह, मनोज सिंह, राजू महतो, डेग़लाल महतो, रोहित मंडल, संतोष मंडल, लालमोहन महतो, दिनेश राणा, प्रदीप कुमार मंडल, रामदेव महतो, महेंद्र महतो, तिलकधारी सिंह, ठाकुर मंडल, परमेश्वर महतो, गणेश पंडित, त्रिभुवन कोल्ह, होरिल कोल्ह सहित पूरे मुंडरो पंचायत के सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित रहे।




