
























































गोल्ड कंट्रोल एक्ट व एक्साइज ड्यूटी को लेकर स्वर्णकार संघ का दो दिवसीय निर्जला अनशन 29 से 

डीजे न्यूज, धनबाद : लोकल स्वर्ण व्यापार और पारंपरिक कारीगरी को बचाने की मांग को लेकर स्वर्णकार संघ की ओर से 29 और 30 जनवरी को धनबाद के रणधीर वर्मा चौक पर दो दिवसीय निर्जला उपवास अनशन का आयोजन किया जाएगा। स्वर्णकार संघ ने गोल्ड कंट्रोल एक्ट और एक्साइज ड्यूटी को पुनः लागू करने, शेयर बाजार से सोना-चांदी को बाहर करने सहित कई अहम मांगें भारत सरकार के समक्ष रखी हैं।
स्वर्णकार संघ द्वारा जारी सूचना में बताया गया है कि वर्ष 2013 के बाद बड़े-बड़े ब्रांडेड कंपनियों और पूंजीपतियों की साजिश के तहत तत्कालीन भारत सरकार द्वारा गोल्ड कंट्रोल एक्ट पूरी तरह हटाए जाने तथा सोना एवं चांदी के दामों में अत्यधिक उतार-चढ़ाव के कारण आज स्वर्ण व्यवसायियों और कारीगर भाइयों की दुकानदारी लगभग समाप्त हो चुकी है। लोकल कारीगरी भी खत्म होने के कगार पर पहुंच गई है।
संघ का कहना है कि देश के कई स्वर्ण व्यवसायी और कारीगर भाई आर्थिक तंगी से आहत होकर आत्महत्या जैसे कदम उठा चुके हैं, जिसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। इसी पीड़ा और आक्रोश के चलते लोकल व्यापार और लोकल कारीगरी को बचाने के लिए स्वर्णकार संघ ने दो दिवसीय निर्जला उपवास अनशन का निर्णय लिया है।
यह अनशन 29 जनवरी (गुरुवार) एवं 30 जनवरी (शुक्रवार) को सुबह 8:00 बजे से रणधीर वर्मा चौक, जिला धनबाद, राज्य झारखंड में आयोजित किया जाएगा। संघ ने पूरे भारत के सभी स्वर्ण व्यवसायी एवं स्वर्ण कारीगर भाइयों से अपील की है कि वे इस मुद्दे पर अपनी उपस्थिति दर्ज कर शांतिपूर्ण तरीके से अनशन को सफल बनाएं।
स्वर्णकार संघ की प्रमुख मांगों में गोल्ड कंट्रोल एक्ट एवं एक्साइज ड्यूटी को पुनः लागू करना, शेयर बाजार से सोना एवं चांदी को तत्काल बाहर करना तथा भारत सरकार द्वारा यह आदेश पारित करना शामिल है कि सोना एवं चांदी के व्यापारियों एवं कारीगर भाइयों के पास किसी भी रूप में मात्र 100 ग्राम सोना एवं 5 किलो चांदी रखने की सीमा तय की जाए, ताकि लोकल भारतीय स्वर्णकारों का व्यापार और कारीगरी पूरी तरह से बचाई जा सके।
इस दो दिवसीय निर्जला अनशन के निवेदक एवं अनशनकारी संतोष कुमार स्वर्णकार तथा अनशनकारी राजेश कुमार स्वर्णकार हैं।



