गिरिडीह की खबरें:-
मुठभेड़ में मारे गए अनल दा के भाई समेत चार अभियुक्त नक्सली कांड में रिहा
साल 2018 में पीरटांड़ थाना क्षेत्र में सड़क निर्माण कंपनी से लेवी की मांग पूरा नहीं होने पर आगजनी का मामला
आठ साल में अभियोजन साबित नहीं कर पाया नक्सल का आरोप
डीजे न्यूज, गिरिडीह : पुलिस मुठभेड़ में मारे गए एक करोड़ रुपये का इनामी नक्सली सह भाकपा माओवादी संगठन का शीर्ष नेता पतिराम मांझी उर्फ अनल दा के भाई चुंडा मांझी उर्फ संतोष मांझी समेत चार अभियुक्तों को पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में अदालत ने रिहा कर दिया। जिला जज वन कवलजीत चौपड़ा की अदालत ने मंगलवार को खुली अदालत में यह फैसला सुनाया। रिहा होने वालों में चुंडा मांझी उर्फ संतोष मांझी, चरका मांझी, दीपक सिंह और चंद्रमोहन राय उर्फ झा जी शामिल हैं। सभी के खिलाफ गणेश कंस्ट्रक्शन कंपनी के स्टाफ ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी।यह कंपनी गिरिडीह के पीरटांड़ से हरलाडीह, मनियाडीह से धनबाद तक पक्की सड़क का निर्माण कर रही थी। साल 2018 में भाकपा माओवादी संगठन के सदस्यों ने रात में कंस्ट्रक्शन के साइड पर आकर घेर लिया और हथियार का भय दिखाकर सभी को बंधक बना लिया था। कहा था कि लेवी की मांग पूरी नहीं होने पर सभी लोग आए थे। नक्सलियों ने साइड पर खड़े निर्माण कार्य में उपयोग होने वाले वाहन, ट्रैक्टर समेत अन्य सामानों में आग लगा दी थी जिससे लाखों रुपये का नुकसान हुआ था। इस मामले में इन चार लोगों के अलावा अजय महतो उर्फ टाइगर समेत कई लोगों को नामजद आरोपित बनाया गया था। जिन चार लोगों पर केस चलाया गया उनके खिलाफ सूचक समेत पुलिस के कई बड़े अधिकारी ने न्यायालय में गवाही दी थी। अभियोजन को न्यायालय में आठ साल में ठोस साक्ष्य पेश करने का मौका मिला था। साथ ही सरकार ने इस मामले में यूएपीए की धारा पर केस चलाने का आदेश दिया था। इसके बावजूद अभियोजन आरोप साबित करने में विफल रहा। न्यायालय ने सभी चारों आरोपितों को पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया।
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शमीम हत्याकांड में चार आरोपितों को मिली जमानत
सीजेएम कोर्ट में आज शिवम् श्रीवास्तव और हर्ष श्रीवास्तव की जमानत पर होगी सुनवाई
हाई कोर्ट से जमानत मिलने के बाद पुलिस ने जेल गेट पर चारों को दोबारा किया था गिरफ्तार
डीजे न्यूज, गिरिडीह : नगर निगम चुनाव के दौरान हुए घटना को लेकर दोबारा जेल भेजे गए चार आरोपितों को जमानत मिल गई है। मंगलवार को चारो आरोपित आकाश हाड़ी, अमित विश्वकर्मा, मंगेश पासवान एवं किशोर पासवान को जेल से रिहा करने के लिए रिलीज आदेश भेजा गया है। करीब पांच महीने बाद चारो जेल से जमानत पर बाहर आएँगे।इस मामले में चार आरोपितों को हाई कोर्ट से जमानत मिलने पर जेल से निकलते ही चारो को दोबारा जेल गेट से गिरफ्तार किया गया था। सभी पर शमीम हत्याकांड में शामिल होने का आरोप लगाया गया था। गिरफ्तार आरोपित आकाश हाड़ी, अमित विश्वकर्मा, मंगेश पासवान एवं किशोर पासवान को पुलिस न्यायालय में पेश किया गया था। सभी छह आरोपित उस समय साढ़े तीन महीने से शमीम हत्याकांड में ही जेल में बंद थे। इस मामले को पचंबा पुलिस के अधिकारी ने दर्ज कराया था। वहीं शमीम हत्याकांड में उसकी पत्नी राबिना खातून ने पचंबा थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उस मामले में पुलिस ने शिवम श्रीवास्तव और हर्ष श्रीवास्तव के साथ सभी छह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। विदित हो कि हाई कोर्ट से जमानत मिलने के बाद इसी घटना को लेकर दर्ज हत्या के केस में दोबारा चारों को गिरफ्तार कर जेल से सीधे थाना ले गई थी।