




गिरिडीह के इम्तियाज 40 वर्षों से बना रहे हैं महावीरी झंडा
डीजे न्यूज, गिरिडीह : राम-रहीम सब एक है एक है। ईश्वर-अल्लाह मजहब नहीं सिखाता आपस में बैर करना की बातें करते हुए गिरिडीह जिले में रहने वाले मो. इम्तियाज पिछले 40 वर्षों से रामनवमी का झंडा बना रहे हैं। उनका कहना है कि वे जब तक जिन्दा रहेंगे तब तक यही काम करते रहेंगे। बता दें कि रामनवमी के त्यौहार पर कई स्थानों पर सांप्रदायिक सदभाव को बिगाड़ने का प्रयास किया जाता है तो कंही पर दंगे फसाद भी होते हैं।

गिरिडीह जिले में भी रामनवमी के अवसर पर कई बार सांप्रदायिक दंगे भी हो चुके हैं लेकिन फिर भी हर वर्ष यह व्यक्ति रामनवमी का झंडा बना कर बाजारों में बेचता है। इनका कहना है कि इसी काम से इनके घर का खर्चा चलता है तो इस काम को कैसे छोड़ दें। मो. इम्तियाज बताते हैं कि महावीरी झंडा बनाने का काम उनके पूर्वजों से चला आ रहा है। उनके पिता मो. गयूस पहले झंडा बनाने का काम करते थे और उनके पहले उनके पिता यानी मेरे दादा। पूर्वजों से यह परंपरा चली आ रही है और वे इस परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने बताया कि वे रामनवमी को लेकर हर साल दस हजार से अधिक महावीरी झंडा बनाते हैं और बजरंग बली का पोशाक भी बनाते हैं।



