
























































एसईसीएल अधिकारियों के लिए मैनेजमेंट डेवलपमेंट प्रोग्राम बिलासपुर में शुरू

डीजे न्यूज, धनबाद: साउथ ईस्टर्न कोलफील्डस लिमिटेड अधिकारियों के लिए “प्रोजेक्ट और फाइनेंशियल मैनेजमेंट विद प्रोजेक्ट मैनेजमेंट एंड सिमुलेशन सॉफ्टवेयर” विषय पर एग्जीक्यूटिव डेवलपमेंट प्रोग्राम (EDP) की शुरुआत एमडीआई, एसईसीएल बिलासपुर में हुई। यह कार्यक्रम आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के डिपार्टमेंट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज़ एंड इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग की एक और अहम अकादमिक–इंडस्ट्री पहल है। पांच दिन चलने वाला यह प्रोग्राम 27 से 31 जनवरी तक आयोजित किया जा रहा है, जिसका नेतृत्व प्रो. रश्मि सिंह और प्रो. निलाद्रि दास कर रहे हैं।
उद्घाटन सत्र में SECL के सीनियर अधिकारियों की मौजूदगी रही। इस मौके पर बिरांची दास, डायरेक्टर (पर्सनल/एचआर), SECL मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, जबकि बिप्रा चरण सेठी, जीएम (एचआरडी), SECL विशिष्ट अतिथि रहे। अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। इससे साफ है कि SECL अपने अधिकारियों के स्किल डेवलपमेंट और प्रोफेशनल ग्रोथ पर खास फोकस कर रहा है। यह कार्यक्रम खास तौर पर प्रोजेक्ट प्लानिंग, फाइनेंशियल एप्रेज़ल, सिमुलेशन टूल्स से रिस्क एनालिसिस और सस्टेनेबल माइनिंग प्रैक्टिसेज पर केंद्रित है।
पहले दिन उद्घाटन सत्र के बाद तीन टेक्निकल सेशन हुए। प्रो. राजीव ए, असिस्टेंट प्रोफेसर, IIM रायपुर ने “नेटवर्क टेक्निक्स से प्रोजेक्ट शेड्यूलिंग” पर एक सेशन और “मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर से प्रोजेक्ट शेड्यूलिंग” पर दो सेशन लिए। इन सत्रों में प्रतिभागियों को मॉडर्न प्रोजेक्ट प्लानिंग टूल्स और सॉफ्टवेयर आधारित शेड्यूलिंग के प्रैक्टिकल तरीके समझाए गए।
आने वाले दिनों में फाइनेंशियल स्टेटमेंट एनालिसिस, कैपिटल बजटिंग, सोशल कॉस्ट–बेनिफिट एनालिसिस, सिमुलेशन मॉडलिंग से रिस्क एनालिसिस, माइनिंग में सस्टेनेबिलिटी और नेट-जीरो, एगाइल मैनेजमेंट और कोल सेक्टर से जुड़े एचआर इश्यूज़ जैसे विषयों पर सेशन होंगे। आईआईटी (आईएसएम) धनबाद, आईआईएम रायपुर, गुरु घासीदास विश्वविद्यालय और माइनिंग रिसर्च से जुड़े एक्सपर्ट्स इन सत्रों को लेंगे।
SECL के माइनिंग, फाइनेंस, एनवायरनमेंट, ऑपरेशंस और प्रोजेक्ट प्लानिंग जैसे अलग-अलग विभागों के अधिकारी इस प्रोग्राम में भाग ले रहे हैं। यह कार्यक्रम कोल और एनर्जी सेक्टर में बेहतर मैनेजमेंट और डेटा बेस्ड डिसीजन मेकिंग को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।



