



धनबाद की खबरें:-

आदिवासी खिलाड़ियों के लिए चयन 09 जनवरी को रांची में
डीजे न्यूज, धनबाद: भारत सरकार युवा और खेल मंत्रालय द्वारा खेलो इंडिया ट्राइवल गेम्स के प्रथम संस्करण के आयोजन माह फरवरी में किया जाना प्रस्तावित है। झारखंड खेल प्राधिकरण, रांची द्वारा उक्त आयोजन में झारखंड राज्य की टीम की भागेदारी को लेकर राज्य के योग्य ( पुरुष एवं महिला) खिलाड़ियों का ट्रायल 09 जनवरी को प्रातः 07 बजे रांची के विभिन्न स्टेडियमों में आयोजित किया गया है।
एथलेटिक्स , फुटबॉल – बिरसा मुंडा फुटबॉल स्टेडियम, मोराबादी, रांची।
हॉकी – आवासीय बालिका हॉकी प्रशिक्षण केंद्र, एस्ट्रो टर्फ स्टेडियम,बरियातू, रांची।
तैराकी – वीर बुद्धू भगत एक्वेटिक स्टेडियम, खेल गांव, होटवार,रांची।
तीरंदाजी – ऑक्सीजन पार्क अवस्थित मैदान, मोराबादी, रांची।
भारोत्तोलन – खेल गांव बेटलिफ्टिंग हाल, बिरसा मुंडा एथलेटिक्स स्टेडियम, टावर नंबर – 2, खेल गांव होटवार, रांची।
कुश्ती – गणपत राय इनडोर स्टेडियम , खेल गांव होटवार रांची।
नियम एवं शर्तें
आवेदक / खिलाड़ी झारखंड राज्य का स्थायी निवासी एवं अनुसूचित जनजाति का सदस्य होना चाहिए।
आवेदक / खिलाड़ी अपने साथ पहचान पत्र , राज्य सरकार द्वारा निर्गत आवासीय एवं अनुसूचित जनजाति से संबंधित प्रमाण पत्र की मूल प्रति एवं उसकी छाया प्रति अपने साथ लाना सुनिश्चित करेंगे । मांगे जाने पर विहित प्रपत्र के साथ स्वहस्ताक्षरित छाया प्रति जमा करेंगे।
उक्त प्रकिया ओपन एज कैटेगरी के तर्ज पर होगी।
खिलाड़ी अपना जन्म प्रमाण पत्र (मैट्रिक प्रमाण पत्र) लाना सुनिश्चित करेंगे।
सभी आवेदक चयन हेतु उपस्थिति के दौरान चयनकर्ताओ के निदेशों का अनुपालन करेंगे।
आवेदक खिलाड़ी चयन स्थल पर आवश्यक खेल किट (पोशाक) के साथ उपस्थित होंगे।
उक्त चयन प्रकिया में किसी प्रकार का भत्ता देय नहीं होगा।
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पेट्रोल पंप पर चलाया “नो हेलमेट, नो पेट्रोल” अभियान
धनबाद: राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के उपलक्ष्य में बुधवार को धनबाद जिला प्रशासन और परिवहन विभाग द्वारा लोगों के बीच सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए जिले के विभिन्न पेट्रोल पंप पर “नो हेलमेट-नो पेट्रोल” अभियान चलाया गया।
इस अवसर पर पेट्रोल पंपों पर “नो हेलमेट, नो पेट्रोल” के नारे के साथ वाहन चालकों को सुरक्षा नियमों का पाठ पढ़ाया गया। साथ ही पेट्रोल पंप संचालकों को बिना हेलमेट पहने दुपहिया वाहन चालकों को ईंधन नहीं देने का सख्त निर्देश दिया गया।
वहीं कई प्रमुख पंपों पर परिवहन विभाग के अधिकारियों ने वाहन चालकों को रोककर हेलमेट पहनने का महत्व बताया।
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सदर अस्पताल में 25 मरीजों का हुआ मोतियाबिंद ऑपरेशन
धनबाद: सदर अस्पताल के नेत्र विभाग द्वारा बुधवार को 25 मरीजों का मोतियाबिंद ऑपरेशन सफलतापूर्वक किया गया। सभी शल्य क्रियाएँ फेको (लेन्स पायसीकरण) पद्धति से की गईं, जो आधुनिक, सुरक्षित एवं शीघ्र दृष्टि बहाल करने वाली तकनीक है।
इसकी जानकारी देते हुए अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ संजीव कुमार ने बताया कि इन सभी मरीजों को आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत निःशुल्क उपचार का लाभ प्रदान किया गया। इससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को गुणवत्तापूर्ण नेत्र उपचार सुलभ हो सका।
बताया कि ऑपरेशन के बाद सभी मरीजों की स्थिति संतोषजनक है। मरीजों एवं उनके परिजनों ने सफल उपचार के लिए अस्पताल प्रशासन, नेत्र चिकित्सक दल एवं जिला स्वास्थ्य विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया है।
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महिला का सफलतापूर्वक संपन्न हुआ जटिल ऑपरेशन
धनबाद: आर्थिक रूप से कमजोर एक महिला को बुधवार को आयुष्मान योजना से सहारा मिला और सदर अस्पताल में उनका जटिल ऑपरेशन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
इसकी जानकारी देते हुए अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ संजीव कुमार ने बताया कि गोमो निवासी मंजु देवी (उम्र 51 वर्ष), पति मोहन रवानी ( ट्रेक्टर चालक) पिछले दो वर्षों से गुप्तांगों में तेज दर्द से पीड़ित थीं। पिछले तीन महीनों से उनकी बच्चादानी शरीर से बाहर आने लगी थी, जिससे उन्हें अत्यधिक पीड़ा और दैनिक जीवन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण वे लंबे समय तक इलाज नहीं करा सकती थी।
पीड़ित महिला ने अपनी समस्या क्षेत्र की सहिया को बताई। सहिया ने सदर अस्पताल में उपलब्ध स्त्री रोग सेवाओं की जानकारी दी और सहिया के माध्यम से मरीज को सदर अस्पताल लाया गया।
मरीज ने स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. संजीव कुमार प्रसाद से परामर्श लिया, जिसके बाद ऑपरेशन की सलाह दी गई।
डॉ. संजीव के नेतृत्व में बच्चेदानी निकालने का ऑपरेशन सफलतापूर्वक किया गया।
इस शल्य चिकित्सा में निश्चेतक डॉ. आनंद, ओटी असिस्टेंट संजीत कुमार एवं शशिकांत की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वहीं ऑपरेशन के बाद मरीज की स्थिति संतोषजनक है और वे तेजी से स्वस्थ हो रही हैं।
मरीज एवं उनके परिजनों ने सफल इलाज के लिए जिला प्रशासन, सदर अस्पताल एवं चिकित्सक दल के प्रति आभार व्यक्त किया। यह उपचार गरीब एवं जरूरतमंद महिलाओं के लिए सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता का उत्कृष्ट उदाहरण है।



