देवघर उपायुक्त ने जन्म–मृत्यु निबंधन को लेकर जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

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देवघर उपायुक्त ने जन्म–मृत्यु निबंधन को लेकर जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

जन्म एवं मृत्यु का पंजीकरण कराना कानूनी रूप से अनिवार्य : नमन प्रियेश लकड़ा 

डीजे न्यूज, देवघर : जन्म एवं मृत्यु निबंधन से संबंधित जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने के उद्देश्य से उपायुक्त सह जिला दण्डाधिकारी नमन प्रियेश लकड़ा ने आज समाहरणालय परिसर से जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अभियान के माध्यम से जिला, प्रखंड एवं पंचायत स्तर पर लोगों को जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रीकरण से जुड़ी आवश्यक जानकारियों से अवगत कराया जाएगा।

उपायुक्त ने बताया कि जागरूकता रथ के जरिए जन्म-मृत्यु निबंधन की प्रक्रिया, इसके महत्व तथा इससे जुड़ी समस्याओं के समाधान की जानकारी दी जाएगी। साथ ही विभिन्न प्रपत्रों को भरने एवं आवेदन करने की प्रक्रिया को भी सरल तरीके से समझाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि जन्म प्रमाण पत्र बच्चे की पहली वैधानिक पहचान है और यह उसका जन्मसिद्ध अधिकार भी है। इसके अलावा जनसंख्या एवं स्वास्थ्य से जुड़े आंकड़ों के लिए भी जन्म-मृत्यु निबंधन अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि घर में जन्म या मृत्यु होने पर 21 दिनों के भीतर संबंधित पंचायत सचिव अथवा उपरजिस्ट्रार को सूचना देना अनिवार्य है। वहीं अस्पतालों एवं नगरीय क्षेत्रों में संबंधित संस्थानों एवं निकायों द्वारा रजिस्ट्रार को सूचना दी जाती है।

उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि जन्म एवं मृत्यु का पंजीकरण कराना कानूनी रूप से अनिवार्य है और सभी नागरिकों को अपने परिवार में घटित प्रत्येक जन्म एवं मृत्यु का निबंधन अवश्य कराना चाहिए।

इस अवसर पर जिला सांख्यिकी पदाधिकारी सहित संबंधित अधिकारी एवं समाहरणालय के कर्मी उपस्थित थे।

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