देवघर में बाल विवाह मुक्त झारखंड अभियान को मिली नई गति, मिशन शक्ति पर जोर

Advertisements

देवघर में बाल विवाह मुक्त झारखंड अभियान को मिली नई गति, मिशन शक्ति पर जोर

डीजे न्यूज, देवघर :
बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन तथा महिलाओं और बालिकाओं के अधिकारों की सुरक्षा व सशक्तिकरण को लेकर देवघर में बाल विवाह मुक्त झारखंड एवं मिशन शक्ति के अंतर्गत अनुमंडल स्तरीय एक दिवसीय प्रशिक्षण-सह-कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी नमन प्रियेश लकड़ा ने की।
कार्यशाला का शुभारंभ उपायुक्त लकड़ा, उप विकास आयुक्त पीयूष सिन्हा, अनुमंडल पदाधिकारी देवघर रवि कुमार एवं अन्य अतिथियों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर वक्ताओं ने सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जनजागरूकता बढ़ाने, बाल विवाह की रोकथाम से जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी देने तथा विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर बल दिया।
उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा ने कहा कि बाल विवाह एक गंभीर सामाजिक समस्या और कानूनन अपराध है, जिसे समाप्त करने के लिए प्रशासन के साथ-साथ समाज की सामूहिक भागीदारी जरूरी है। उन्होंने कहा कि पंचायत से लेकर जिला स्तर तक नियुक्त कर्मियों को सजग रहते हुए बाल विवाह की किसी भी सूचना पर त्वरित कार्रवाई करनी होगी। सूचना मिलने पर विवाह को तुरंत रोका जाए और पीड़ित बच्चों को संरक्षण, पुनर्वास एवं विधिक सहायता उपलब्ध कराई जाए।
उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं से महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं और बच्चियां शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं, लेकिन बाल विवाह जैसी कुरीतियां इस प्रगति में बाधा हैं। बच्चों के भविष्य के साथ किसी भी तरह का समझौता स्वीकार्य नहीं है।
उप विकास आयुक्त श्री पीयूष सिन्हा ने कहा कि बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 के तहत यह दंडनीय अपराध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बाल विवाह रोकना केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के हर व्यक्ति का नैतिक कर्तव्य है। ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम सामाजिक बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यशाला के दौरान बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 की विस्तृत जानकारी दी गई, जिसमें बालिकाओं के लिए न्यूनतम विवाह आयु 18 वर्ष और बालकों के लिए 21 वर्ष निर्धारित होने की जानकारी साझा की गई। साथ ही यह भी बताया गया कि बाल विवाह में किसी भी प्रकार की सहभागिता करने वाले आयोजक, कैटरर, टेंट हाउस, बैंड पार्टी एवं बिचौलियों पर भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कार्यक्रम में डायन कुप्रथा उन्मूलन, मानव तस्करी, सावित्रीबाई फुले समृद्धि योजना, मुख्यमंत्री कन्यादान योजना, मुख्यमंत्री मइया सम्मान योजना, विधवा पुनर्विवाह प्रोत्साहन योजना, सामूहिक विवाह योजना सहित अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई तथा जागरूकता फिल्म भी प्रदर्शित की गई।
कार्यशाला के अंत में उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा ने उपस्थित सभी प्रतिभागियों को बाल विवाह एवं डायन कुप्रथा के खिलाफ शपथ दिलाई। कार्यक्रम में अनुमंडल एवं जिला स्तर के अधिकारी, विभिन्न प्रखंडों के बीडीओ-सीओ, बाल विकास विभाग के प्रतिनिधि, महिला पर्यवेक्षिकाएं, आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका एवं पंचायत प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

Social media & sharing icons powered by UltimatelySocial
Scroll to Top