



बिरनी में घटवार-घटवाल आदिवासी महासभा के संस्थापक की पुण्यतिथि मनाई गई

डीजे न्यूज, बिरनी, गिरिडीह : घटवार-घटवाल आदिवासी महासभा के संस्थापक स्वर्गीय दुर्गा सिंह घटवार की पहली पुण्यतिथि बिरनी की बरहमसिया पँचायत के झांझ में पंसस विजय राय के आवास पर मनाई गई। सर्वप्रथम स्वर्गीय दुर्गा सिंह घटवार के चित्र पर समाज के लोगों ने बारी बारी से पुष्प अर्पित किया।
पुण्यतिथि पर वीर दुर्गा सिंह घटवार का अधूरा सपना घटवार-घटवाल महासभा के लोगों ने पूरा करने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने घटवार-घटवाल आदिवासी महासभा के संस्थापक सह केन्द्रीय अध्यक्ष स्वर्गीय दुर्गा सिंह घटवार के जीवनी पर चर्चा की। कहा कि
वे शुरू से ही समाज के प्रति काफी चिंतित रहते थे। उनके नानी चिन्ता कुमारी के साथ जमीन के केस में कोर्ट-कचहरी जाते थे। इस क्रम में छोटानागपुर कास्तकारी अधिनियम एवं संथाल परगणा कास्तकारी अधिनियम के बारे में जानकारी हुई। आदिवासी की सूचि क्रमांक 11 में घटवार का नाम दर्ज है। 12 अक्टूबर 1938 के बिहार गजट में प्रकाशित है। समाज अपने संवैधानिक हक से वंचित है।
उस समय क्षेत्र में भू-माफिया का एकछत्र राज कायम था। समाज में शराबखोरी, बहू परित्याग, अंधविश्वास आदि जड़ताओं से ग्रसित था। मुक्ति के लिए शोषित उत्पीडित जनता की चीख पुकार साफ-साफ सुनाई पड़ रही थी। परिस्थिति ने दुर्गा के दिलों दिमाग को झकझोर डाला और वे आम जनता के साथ-साथ स्वजाति के बीच कूद पड़े। समाज को अपना मानकर उसके उत्थान के लिए पूरे जीवन समर्पित कर दिया, संवैधानिक अधिकार दिलाने के लिए अपना लक्ष्य बना लिये।
बिहार, झारखण्ड में एक-एक गाँव, घर पैदल घूम-घूम कर प्रचार-प्रसार किया। घटवार आदिवासी मूलवासी हैं। बहुत जगह घटवार लोग लाठी-डंडा निकाल कर उन्हें मारने के लिए तैयार हो जाते थे। परेशानियों का सामना करते हुए समाज को जगाये एवं संगठित किया। अन्याय के खिलाफ आंदोलन भी करते थे। आंदोलन को आमजनों के बीच ले गए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रखंड अध्यक्ष भीखन राय ने की जबकि संचालन सचिव टेकनारायण सिंह ने किया। कोषाध्यक्ष लक्ष्मण प्रसाद सिंह, संगठन मंत्री विजय कुमार राय, संरक्षक रामधनी सिंह, हर्षनारायण सिंह, दशरथ राय,विनय राय, बिनोद राय, ब्रह्मदेव राय, विदेशी राय, लक्ष्मण राय, रामु राय, संतोष राय, राजकुमार राय, फुलेंद्र राय,विशाल राय आदि महिला पुरुष उपस्थित थे।



