बिरनी अंचल कार्यालय में दो गुटों में हिंसक झड़प, माले कार्यकर्ता समेत 14 घायल

Advertisements

बिरनी अंचल कार्यालय में दो गुटों में हिंसक झड़प, माले कार्यकर्ता समेत 14 घायल

जमीन विवाद में कागज दिखाने के क्रम में हुआ बवाल, आधा दर्जन लोग हिरासत में 

डीजे न्यूज, बिरनी(गिरिडीह) : बिरनी अंचल कार्यालय में मंगलवार को सीआई दीनदयाल रविदास को जमीन सम्बंधित कागजात दिखाने के क्रम में दो पक्ष उलझ गए। देखते ही देखते दोनों गुटों में हिंसक झड़प हो गया। झड़प को देख सीआई अपनी जान बचाकर कार्यालय छोड़ बाहर निकल गए। दोनों गुटों के बीच कार्यालय के अंदर झड़प होती रही। कार्यलय के अंदर कुर्सी आदि तोड़ दिए गए। घटना की सूचना पर बिरनी थाना प्रभारी अमन सिंह, एएसआई चेवा पुलिस बल के साथ अंचल कार्यालय पहुंचे। काफी प्रयास के बाद झड़प को शांत कराया गया। इसके बाद सभी घायलों को बिरनी अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया। जहां इनका इलाज प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ साकिब जमाल ने किया। गम्भीर रूप से घायल रामदेव यादव, संदीप यादव, नारायण महतो, जगरेश्वर यादव, सरजू यादव व सहदेव यादव को सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। घायलों को इलाज के लिए कोई धनबाद तो कोई गिरिडीह सदर ले गए। घायल में एक तरफ से रामदेव यादव, मिथलेश कुमार यादव, संदीप यादव, नारायण महतो, सुरेन्द्र यादव, उमेश यादव, जगरेश्वर यादव, सरजू यादव, सहदेव यादव, जितेंद्र यादव, विकास यादव, सिकेन्द्र यादव, रंजीत यादव व अयोध्या कुमार शामिल हैं। तनाव को देख थाना प्रभारी अमन सिंह ने इलाज के क्रम में एक तरफ से दो व दूसरे तरफ से चार युवकों को अस्पताल से हिरासत में ले थाना ले गए। थाना में किसी पक्ष से आवेदन नही दिया गया था।

यह मामला बिरनी अंचल के पुरनानगर का है।

पुरनानगर के दो पक्ष भाकपा माले कार्यकर्ता रामदेव यादव वगैराह व बालेश्वर यादव वगैराह के बीच जमीन विवाद चल रहा है। जमीन विवाद मामला न्यायलय में मामला लंबित है। भाकपा माले कार्यकर्ता अपना खरीदी गई जमीन पर मकान बना रहा थे। दूसरे पक्ष के बालेश्वर यादव ने सीओ से इसकी शिकायत की थी। सीओ ने सीआई को कार्य स्थल पर भेज घर निर्माण कार्य पर रोक लगा दिया था। साथ ही दोनों पक्ष को अंचल कार्यालय में अपने-अपने जमीन सम्बंधित कागजात मंगलवार को दिखाने का आदेश दिया था। सीओ के मौखिक आदेश पर मंगलवार दोपहर 12 बजे दोनों पक्ष दर्जनाधिक ग्रामीण के साथ अंचल कार्यालय पहुंचा था। अंचल कार्यालय में सीओ के नही रहने के कारण दोनों पक्ष ने सीआई दीनदयाल रविदास को कागजात दिखाने लगे। इस क्रम में दोनों पक्ष सीआई व सांसद प्रतिनिधि देवनाथ राणा के उपस्थित में उलझ गए। सीआई व सांसद प्रतिनिधि देवनाथ राणा दोनों पक्ष को समझाते रहे लेकिन सफल नहीं रहे।बाद में वे लोग भी अपने हाथ खड़े कर वहां से बाहर निकल गए।

इस संबंध में सीआई दीनदयाल रविदास ने कहा कि पक्ष विपक्ष ने अंचल कार्यालय में घटना का अंजाम दिया है। यह ठीक नहीं किया है। दोनों पक्ष के लोगों ने कानून को हाथ में लिया है। कार्यलय को क्षति पहुंचाई है। सरकारी कार्य में जो बाधा डाला है उसके विरुद्द प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी। झगड़ा शांत करने का प्रयास सांसद प्रतिनिधि के द्वारा किया गया लेकिन उग्र लोग किसी की बात मानने को तैयार नहीं थे।

इधर सांसद प्रतिनिधि देवनाथ राणा ने कहा कि जरीडीह के पाराटांड़ के किसी काम के लिए वे सीआई के पास गए थे। वहां भीड़ लगी हुई थी, हो हल्ला हो रहा था। मामले को शांत कराने का प्रयास किया लेकिन उग्र लोग सुनने को तैयार नहीं थे। थाना प्रभारी आकाश भारद्वाज ने कहा कि घायल दोनों तरफ से हैं। सभी घायलों का इलाज चल रहा है। मामले को शांत करने के लिए एक तरफ से दो व दूसरे तरफ से चार यानी छह लोगों को हिरासत में लिया गया। आवेदन किसी से नहीं मिला है। आवेदन मिलते ही प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।

Social media & sharing icons powered by UltimatelySocial
Scroll to Top