



बिरनी अंचल कार्यालय झड़प में माले नेता समेत दो पर प्राथमिकी

सरकारी संपत्ति को नुकसान, मुआवजा जमा करने का निर्देश
डीजे न्यूज, बिरनी(गिरिडीह) : बिरनी अंचल कार्यालय के अंचल निरीक्षण कक्ष में गत मंगलवार दोपहर करीब 1 बजे जमीन विवाद को लेकर हुए झड़प में सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई है। इस संबंध में अंचल निरीक्षक सह हल्का कर्मचारी दीनदयाल रविदास ने बिरनी थाना में आवेदन देकर भाकपा माले कार्यकर्ता रामदेव यादव एवं उनके विरोधी गांव के ही बालेश्वर यादव के खिलाफ मामला दर्ज कराया है।
वहीं, अंचलाधिकारी (सीओ) संदीप मधेसिया ने दोनों आरोपितों को नोटिस जारी कर क्षतिग्रस्त सरकारी संपत्ति की भरपाई करने का निर्देश दिया है। सीओ के अनुसार, 24 फरवरी को अंचल निरीक्षण कक्ष में आपसी भूमि विवाद के कारण दोनों पक्षों ने सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न करते हुए संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। इस घटना में लगभग 22 हजार रुपये की सरकारी संपत्ति क्षतिग्रस्त हुई है। दोनों आरोपितों को एक सप्ताह के भीतर 11-11 हजार रुपये अंचल कार्यालय में जमा करने का निर्देश दिया गया है। निर्धारित समय में राशि जमा नहीं करने पर झारखंड उड़ीसा लोक मांग वसूली अधिनियम 1914 के तहत ब्याज सहित वसूली की जाएगी।
थाना प्रभारी आकाश भारद्वाज ने बताया कि सीआई के आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
सीआई ने बताया कि अंचलाधिकारी बिरनी के निर्देशानुसार 24 फरवरी 2026 को कार्यालय में बैठक कर रामदेव यादव एवं बालेश्वर यादव (पूरनानगर, मौजा पुरनानगर) के बीच पूर्व से चल रहे रैयती भूमि विवाद से संबंधित दस्तावेजों की जांच की जा रही थी। इसी दौरान पाराटांड के एक आवेदन की जानकारी लेने सांसद प्रतिनिधि देवनाथ राणा कक्ष में पहुंचे।
इसी बीच बालेश्वर यादव के पक्षधर एवं निरो भोगता के कथित वंशजों के बीच कहासुनी शुरू हो गई, जो जल्द ही हाथापाई में बदल गई। दोनों पक्षों के बीच बचाव का प्रयास किया गया, लेकिन स्थिति और उग्र हो गई। आरोप है कि दोनों पक्षों के लोगों ने कुर्सियां उठाकर एक-दूसरे पर हमला कर दिया। स्थिति बिगड़ते देख सांसद प्रतिनिधि एवं सीआई किसी तरह कक्ष से बाहर निकले। इस दौरान अंदर से दरवाजा बंद कर दिया गया और आपसी मारपीट में चार-पांच फाइबर की कुर्सियां तोड़ दी गईं। घटना की सूचना तत्काल बिरनी थाना को दी गई। दरवाजा खुलने के बाद दोनों पक्षों को बाहर निकाला गया, जिसमें रामदेव यादव एवं उनके विपक्ष बालेश्वर यादव घायल पाए गए।
बताया जाता है कि रामदेव यादव एवं उनके गोतिया बालेश्वर यादव के बीच कई वर्षों से जमीन विवाद चल रहा है, जो न्यायालय में लंबित है। रामदेव यादव द्वारा खरीदी गई जमीन पर घर निर्माण शुरू करने पर बालेश्वर यादव ने अंचल कार्यालय एवं बिरनी थाना में आवेदन दिया था। इसके आलोक में अंचलाधिकारी ने निर्माण कार्य रुकवा दिया था और दोनों पक्षों को 24 फरवरी को दस्तावेज प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया था।
निर्धारित तिथि पर दोनों पक्ष कार्यालय पहुंचे, जहां कागजात दिखाने के दौरान विवाद बढ़ गया और झड़प खूनी संघर्ष में बदल गई। करीब एक घंटे तक कार्यालय में अफरा-तफरी की स्थिति बनी रही। पुलिस पहुंचने के बाद मामला शांत हुआ।
थाना प्रभारी आकाश भारद्वाज ने कहा कि मामले की जांच जारी है। दोनों पक्षों में शामिल लोगों की संख्या का सत्यापन किया जा रहा है और जल्द ही आरोपितों की गिरफ्तारी की जाएगी।




