बीसीसीएल की मुख्य समस्या रंगदारी, दादागिरी और माफियागिरी : सीएमडी 

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बीसीसीएल की मुख्य समस्या रंगदारी, दादागिरी और माफियागिरी : सीएमडी 

बीसीसीएल का कोयला बिक नहीं रहा और अवैध उत्खनन का कोयला धड़ल्ले से बिक रहा : मनोज अग्रवाल 

दो दिवसीय इमेजिंग झारखंड कांक्लेव शुरू, कला संस्कृति, पर्यटन व व्यापार के विकास पर मंथन

डीजे न्यूज, धनबाद : आईआईटी आईएसएम, झारखंड इंडस्ट्रीज एंड ट्रेड एसोसिएशन व एलुरु सोसाइटी का दो दिवसीय इमेजिंग झारखंड कांक्लेव शनिवार को गोविंदपुर के राजविलास रिसोर्ट में समारोह पूर्वक शुरू हुआ। इसमें कला संस्कृति, पर्यटन व व्यापार के विकास पर मंथन होगा तथा अवार्ड वितरण होगा। इसका समापन रविवार को होगा। शनिवार को उद्घाटन सत्र में बीसीसीएल सीएमडी मनोज अग्रवाल ने कहा कि बीसीसीएल की मुख्य समस्या रंगदारी, दादागिरी और माफियागिरी है। कंपनी की प्रगति के लिए कोयला के अवैध उत्खनन पर रोक लगानी होगी तथा गुणवत्ता सुधारनी होगी। क्वालिटी में सुधार हो गया तो बीसीसीएल को दो से तीन हजार करोड़ का अधिक लाभ होगा। आज बीसीसीएल का कोयला बिक नहीं रहा है और अवैध उत्खनन का कोयला धड़ल्ले से बिक रहा है। बीसीसीएल में ठेकेदार और ऑपरेटर हावी हो गए हैं । इन पर कार्रवाई शुरू की गई है। अधिकारियों पर कार्रवाई हो रही है । क्वालिटी कोक उत्पादन का दबाव बनाया जा रहा है । कोयला के अवैध खनन व चोरी पर रोक के लिए धनबाद के डीसी और एसएसपी से लगातार वार्ता हो रही है। सीआईएसएफ के 3000 जवानों को समझाया- बुझाया जा रहा है ताकि कोयला चोरी पर रोक लग सके। उन्होंने कहा आने वाले कुछ समय में कोयला की क्वालिटी सुधरेगी व अवैध खनन पर रोक लगेगी। उन्होंने झारखंड इंडस्ट्रीज एंड ट्रेड एसोसिएशन से अपील की कि जिस तरह उद्योगों के विकास के लिए आज का मंच सजाया गया है, उसी तरह अवैध उत्खनन रोकने के लिए सांसद, सभी विधायकों, डीसी, एसएसपी, सेल, डीजीएमएस और बीसीसीएल की एक बार इसी तरह की बैठक कराई जाए।

उन्होंने कहा अभी इमेजिंग झारखंड नहीं, इमेजिंग धनबाद और इमेजिंग बीसीसीएल होना चाहिए। उक्त बातें उन्होंने शनिवार को राजविलास रिजॉर्ट कौवाबांध में एलुर सोसाइटी, झारखंड इंडस्ट्रीज एंड ट्रेड एसोसिएशन व आईआईटी आईएसएम के सहयोग से आयोजित इमेजिंग झारखंड कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पद से संबोधित करते हुए कही। मुख्य अतिथि अग्रवाल ने कहा कि अगले 20- 30 वर्षों मे नन-कोकिंग कोल समाप्त हो जाएगा। उन्होंने कहा कि अभी सेल का संचालन और घरों में बिजली बीसीसीएल के कोयले से जल रही है। आने वाले समय में सोलर एनर्जी का बड़े पैमाने पर प्रयोग होगा। उन्होंने कहा कि देश अभी आगामी 200 वर्षों के लिए कोयला का पर्याप्त भंडार है और आगे की खोज की जा रही है और बीसीसीएल के पास उच्च क्वालिटी का कोकिंग कोयला है। अग्रवाल ने कहा कि 15 लाख लोग प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से बीसीसीएल से जुड़े हुए हैं। विशिष्ट अतिथि सिम्फर के निदेशक प्रोफेसर एके मिश्रा ने कहा कि धनबाद में बीसीसीएल, आईआईटी आईएसएम, सिंफर जैसे संस्थान और पर्याप्त संसाधन रहने के बावजूद यहां के युवकों का दूसरे शहरों में पलायन दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने इस आयोजन के लिए आयोजन का आभार प्रकट किया और कहा कि उद्यमियों की क्या समस्या है और वह क्या समाधान चाहते हैं इसके लिए सिंफर की बरवा रोड और डिगवाडीह शाखा से संपर्क कर सकते हैं। सिंफर कोयलांचल में उद्योगों के विकास में अपना पूरा योगदान देगा । सिंफर चाहता है कि धनबाद व झारखंड में उद्योग फले फूले। उन्होंने कहा धनबाद में दीया तले अंधेरा वाली स्थिति है और आने वाले दिनों में पानी की भी एक बड़ी समस्या पैदा होगी ।

इसका भी समाधान ढूंढा जाना चाहिए। सेल के कार्यकारी निदेशक प्रियरंजन ने कहा कि सेल हर किसी की जिंदगी से जुड़ा है और झारखंड के विकास में अपना योगदान दे रहा है। सेल पानी की कम से कम खपत कर उत्पादन कर रहा है। झारखंड के औद्योगिक विकास में सेल की महती भूमिका है तथा उद्यमियों को सेल पूरी मदद करने को तैयार है। डीजीएमएस के उपनिदेशक मुख्यालय वीर प्रताप ने कहा कि खनन क्षेत्र के विकास में संस्थान की अपनी विशिष्ट भूमिका रही है और कोलियारियों एवं यहां के औद्योगिक विकास में संस्थान का पूरा सहयोग है । खनन क्षेत्र में वर्ष 2030 तक 80 हजार महिला अधिकारियों और कर्मियों की भागीदारी हो जाएगी। जीटा अध्यक्ष अमितेश सहाय ने कहा कि यह कांक्लेव उद्यमियों तथा केंद्र और राज्य सरकारों की संस्थाओं और उद्योग जगत के बीच सेतु बनाने का एक संगठित प्रयास है, जहां विचारो व अनुभव का आदान-प्रदान होगा। जीटा का संकल्प है कि सरकार, उद्योग और समाज के बीच समन्वय बढ़ाकर झारखंड को निवेश और रोजगार के लिए देश का अग्रणी राज्य बनाया जाए। महासचिव राजीव शर्मा ने जीटा के 10 वर्षों की उपलब्धियां को सामने रखा और कहा कि केवल धनबाद ही नहीं बल्कि पूरे झारखंड में उद्योगों और ट्रेड को बढ़ावा देने में यह संस्था दिन-रात लगी हुई है। कोषाध्यक्ष नंदलाल अग्रवाल ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजनों से नए उद्यमियों को उद्यम स्थापित करने में सहूलियत होगी वहीं पुराने उद्यमियों को भी इससे लाभ होगा। जीटा इस तरह का आयोजन आगे भी करेगी। कार्यक्रम की संयोजक आईआईटी आईएसएम की प्रोफेसर शालिनी गौतम ने कार्यक्रम की रूपरेखा पर प्रकाश डाला और कहा कि उद्योगों को बढ़ावा देने और उद्यमियों की समस्याओं के समाधान की दिशा में यह एक अभिनव प्रयोग किया गया है। रविवार को कई सत्रों में उद्योगों के साथ बैठक की जाएगी और निष्कर्ष निकाला जाएगा । एलुर सोसाइटी के देव जिंदल ने कहा कि इस तरह के कॉन्क्लेव से पुराने और नए दोनों तरह के उद्यमी लाभान्वित होंगे तथा उद्योगों के विकास में एक नए निष्कर्ष पर कोयलांचल आएगा। कार्यक्रम में कोयलांचल के बड़ी संख्या में उद्योगपति और व्यवसायी शामिल थे।

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