
























































बबलू भारद्वाज ने यूजीसी एक्ट के खिलाफ भाजपा से दिया इस्तीफा

गिरिडीह में भाजपा को लगा झटका, सवर्ण समाज में बढ़ता जा रहा रोष
डीजे न्यूज, गिरिडीह : उद्योगपति एवं गिरिडीह के भाजपा नेता बबलू भारद्वाज ने यूजीसी एक्ट के खिलाफ भाजपा से इस्तीफा दे दिया है। बबलू भारद्वाज ने अपना इस्तीफा भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू को भेज दिया है। साथ ही इसकी प्रतिलिपि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को भेजा है। बबलू भारद्वाज के इस्तीफे से भाजपा को गिरिडीह में बड़ा झटका लगा है। कारण, सवर्ण वर्ग में उनकी मजबूत पैठ है।
प्रदेश अध्यक्ष को भेजे पत्र में बबलू भारद्वाज ने लिखा है कि अत्यंत दुख एवं पीड़ा के साथ आपको सूचित करना चाहता है कि मैं यूजीसी के विरोध में भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे रहा हूँ। उन्होंने कहा कि यूजीसी एक्ट के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था में जिस प्रकार का केंद्रीकरण किया जा रहा है, वह विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता, शिक्षकों की स्वतंत्रता तथा छात्रों के भविष्य के लिए अत्यंत चिंताजनक है। यह अधिनियम विशेष रूप से सवर्ण समाज के छात्रों एवं मध्यम वर्गीय परिवारों के हितों के विरुद्ध है, जिन्हें शिक्षा के क्षेत्र में गंभीर नुकसान उठाना पड़ेगा।
एक जिम्मेदार नागरिक और समाज के प्रति उत्तरदायी व्यक्ति होने के नाते मैं ऐसे किसी भी कानून का समर्थन नहीं कर सकता, जो शिक्षा को कमजोर करे और युवाओं के भविष्य के साथ समझौता करे। अनेक बार अपनी बात संगठन के भीतर रखने के प्रयास के बावजूद जब कोई सकारात्मक संवाद नहीं हुआ, तब नैतिक आधार पर यह निर्णय लेना मेरे लिए आवश्यक हो गया। अतः मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि मेरा यह इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार किया जाए। मैं यह भी स्पष्ट करना चाहता हूं कि यूजीसी एक्ट के विरोध में सवर्ण समाज अब भारतीय जनता पार्टी को समर्थन नहीं देगा। भविष्य में भी शिक्षा, छात्र हित और सामाजिक न्याय से जुड़े मुद्दों पर लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाता रहूँगा।



