



आईआईटी (आईएसएम) में ‘कैटेलिसिस इन सिंथेसिस’ राष्ट्रीय सम्मेलन शुरु
डीजे न्यूज, धनबाद: आइआइटी-आइएसएम के गोल्डन जुबिली लेक्चर थियेटर में शुक्रवार को दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन “कैटेलिसिस इन सिंथेसिस” की शुरुआत हुई। इस सम्मेलन में देश भर से आए प्रमुख रसायन वैज्ञानिक, शोधकर्ता और छात्र भाग ले रहे हैं, जो कैटेलिसिस और सिंथेटिक केमिस्ट्री के क्षेत्र में हाल के शोध और नए आयामों पर चर्चा कर रहे हैं।
यह सम्मेलन संस्थान के शताब्दी वर्ष समारोह के तहत केमिस्ट्री एंड केमिकल बायोलॉजी विभाग द्वारा आयोजित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य रसायन विज्ञान के आधुनिक क्षेत्रों में शोध और अकादमिक सहयोग को बढ़ावा देना है।
सम्मेलन की शुरुआत कन्वीनर प्रो. सौमित्र माइती के स्वागत भाषण से हुई। उन्होंने आधुनिक रासायनिक संश्लेषण में कैटेलिसिस की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए बताया कि फार्मास्यूटिकल्स, मटेरियल साइंस और सतत तकनीकों के विकास में इसका महत्व लगातार बढ़ रहा है।
मुख्य अतिथि के रूप में पद्मश्री प्रो. विनोद के. सिंह, चेयर प्रोफेसर, आइआइटी कानपुर ने उद्घाटन व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि आधुनिक रासायनिक शोध में कैटेलिसिस की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है और भविष्य में नवाचारपूर्ण तथा टिकाऊ सिंथेटिक विधियों के विकास के लिए अंतर्विषयक सहयोग जरूरी होगा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्थान के उपनिदेशक प्रो. धीरज कुमार ने की। उन्होंने कहा कि इस तरह के राष्ट्रीय सम्मेलन अनुभवी वैज्ञानिकों और युवा शोधकर्ताओं के बीच संवाद और सहयोग को बढ़ावा देने का महत्वपूर्ण मंच प्रदान करते हैं।
मंच पर प्रो. केका ओझा, डीन (कंटीन्यूइंग एजुकेशन प्रोग्राम) और प्रो. एस. के. पाधी, अध्यक्ष, केमिस्ट्री एंड केमिकल बायोलॉजी विभाग भी उपस्थित थे। इस अवसर पर मुख्य अतिथि को सम्मानित किया गया और सम्मेलन की कार्यवाही का औपचारिक शुभारंभ किया गया। सह-संयोजक प्रो. सुनील पुलेटिकुर्ति ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
आयोजकों के अनुसार सम्मेलन का उद्देश्य वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों और शोधार्थियों को एक साझा मंच प्रदान करना है, जहां वे कैटेलिटिक रिएक्शंस, सिंथेटिक मेथडोलॉजी और सतत रासायनिक प्रक्रियाओं से जुड़े नए रुझानों पर विचार-विमर्श कर सकें।
उद्घाटन सत्र के बाद सम्मेलन में विभिन्न वैज्ञानिक सत्र आयोजित किए गए, जिनमें देश के प्रतिष्ठित संस्थानों के विशेषज्ञों ने कीनोट और आमंत्रित व्याख्यान दिए। दो दिवसीय सम्मेलन में युवा शोधकर्ताओं के पोस्टर प्रस्तुतिकरण और संवाद सत्र भी आयोजित किए जाएंगे, जिससे कैटेलिटिक केमिस्ट्री के तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्र में सहयोग और शोध को बढ़ावा मिल सके।



