आईआईटी (आईएसएम) में अंतर्राष्ट्रीय इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स, संचार और कंप्यूटर सम्मेलन का शुभारंभ महानिदेशक ने उभरती तकनीकों में मानकीकरण और सुरक्षा की आवश्यकता पर दिया जोर

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आईआईटी (आईएसएम) में अंतर्राष्ट्रीय इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स, संचार और कंप्यूटर सम्मेलन का शुभारंभ

महानिदेशक ने उभरती तकनीकों में मानकीकरण और सुरक्षा की आवश्यकता पर दिया जोर

डीजे न्यूज, धनबाद: आईआईटी (आईएसएम) धनबाद में द्वितीय अंतर्राष्ट्रीय इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स, संचार और कंप्यूटर सम्मेलन
का शुभारंभ शनिवार को टेक्समिन स्मार्ट क्लासरूम, i2H बिल्डिंग में हुआ। मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित एम. वेल्लई पांडी, महानिदेशक, स्टैंडर्डाइजेशन टेस्टिंग एंड क्वॉलिटी सर्टिफिकेशन (STQC), इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY), भारत सरकार, ने उद्घाटन सत्र में मुख्य संबोधन दिया।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स, कम्युनिकेशन और कंप्यूटर साइंस जैसे क्षेत्रों का तेजी से एकीकरण हो रहा है, जिससे तकनीक का स्वरूप पूरी तरह बदल रहा है। पहले अलग-अलग समझे जाने वाले ये क्षेत्र अब आईटी आधारित एकीकृत सिस्टम के रूप में विकसित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि क्वांटम कंप्यूटिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, ऑटोनॉमस सिस्टम, सेमीकंडक्टर डिज़ाइन और IoT जैसी उभरती तकनीकें नए अवसर पैदा कर रही हैं, लेकिन इसके साथ ही सुरक्षा चुनौतियाँ भी बढ़ रही हैं।
श्री पांडी ने इस बात पर बल दिया कि शोध तथा तकनीकी विकास में मानकीकरण की अहम भूमिका है और इसे नज़रअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने ISO/IEC 23837, ETSI के क्वांटम की डिस्ट्रीब्यूशन मानक, FIPS 203/204/205 जैसे पोस्ट-क्वांटम क्रिप्टोग्राफी मानक और OWASP के AI/ML वल्नरेबिलिटी प्रोटोकॉल का उल्लेख करते हुए कहा कि ‘सिक्योरिटी-बाय-डिज़ाइन’ को हर स्तर पर अपनाना होगा। साथ ही, उन्होंने सिस्टम-ऑन-चिप इम्पोर्ट्स और IoT सुरक्षा से जुड़े राष्ट्रीय चिंताओं का उल्लेख किया और सरकार द्वारा लिए जा रहे कदमों—खासकर STQC प्रमाणन ढाँचे—की सराहना की।
उद्घाटन सत्र में प्रो. हिमांशु बी. मिश्रा, सम्मेलन संयोजक ने स्वागत भाषण दिया, जबकि प्रो. आर. के. गंगवार, जनरल चेयर और विभागाध्यक्ष (ईसीई) ने उद्घाटन remarks प्रस्तुत किए। कार्यक्रम के संरक्षक एवं आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के निदेशक प्रो. धीरज कुमार ने अपने संबोधन में सम्मेलन के उद्देश्यों और महत्व पर प्रकाश डाला। अंत में धन्यवाद ज्ञापन प्रो. जैसिंह टी. द्वारा किया गया।


सम्मेलन के तीन दिनों में विद्युत प्रणालियों, कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी, VLSI और एम्बेडेड सिस्टम, कंप्यूटिंग आर्किटेक्चर, AI तथा साइबर सुरक्षा जैसे विषयों पर कई तकनीकी सत्र, विशेषज्ञ व्याख्यान और शोध प्रस्तुतियां आयोजित की जाएंगी। विस्तृत तकनीकी कार्यक्रम प्रतिभागियों के लिए साझा किया गया है। आयोजित विभाग—इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग, आईआईटी (आईएसएम)—का उद्देश्य शिक्षा जगत, शोध संस्थानों और उद्योग के बीच सहयोग बढ़ाना तथा सुरक्षित, मानकीकृत और समाजोन्मुख तकनीकी विकास को बढ़ावा देना है।

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