



आईआईटी (आईएसएम) धनबाद और क्लिमिट्रा कार्बन के बीच एमओयू

बायोमास आधारित कार्बन और स्वच्छ ऊर्जा तकनीकों को मिलेगा बढ़ावा
डीजे न्यूज, धनबाद:भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (भारतीय स्कूल ऑफ माइंस) धनबाद ने क्लिमिट्रा कार्बन प्राइवेट लिमिटेड, नई दिल्ली के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस एमओयू का उद्देश्य सतत (सस्टेनेबल) कार्बन सामग्री और स्वच्छ ऊर्जा प्रणालियों के क्षेत्र में संयुक्त अनुसंधान और तकनीक विकास को मजबूती देना है।
यह एमओयू बायोमास आधारित कार्बन सामग्री, बायोचार, सिंगैस तथा वेस्ट-टू-एनर्जी तकनीकों के विकास पर केंद्रित है, जिनका उपयोग धातुकर्म (मेटलर्जिकल), थर्मल और औद्योगिक ऊर्जा क्षेत्रों में किया जा सकता है।
समझौते के तहत दोनों संस्थान प्रयोगशाला से पायलट स्केल तक अनुसंधान, तकनीक विकास और प्रक्रिया अनुकूलन (प्रोसेस ऑप्टिमाइजेशन) के लिए मिलकर कार्य करेंगे। इसका प्रमुख उद्देश्य बायोमास और अपशिष्ट संसाधनों को उच्च मूल्य वाले कार्बन और ऊर्जा उत्पादों में बदलने की दिशा में प्रभावी समाधान विकसित करना है।
इस सहयोग के प्रमुख शोध क्षेत्रों में बायोमास उपयोग, बायोचार विकास, गैसीफिकेशन आधारित ईंधन प्रणालियाँ, तथा वेस्ट-टू-एनर्जी प्रक्रियाएँ शामिल हैं। इसके साथ ही यह साझेदारी संयुक्त तकनीक विकास, टेक्नो-इकोनॉमिक असेसमेंट, और अनुसंधान प्रकाशनों को भी बढ़ावा देगी, जिससे औद्योगिक ऊर्जा प्रणालियों और धातुकर्म प्रक्रियाओं के लिए कम-कार्बन विकल्पों के निर्माण में मदद मिलेगी।
यह पहल आईआईटी (आईएसएम) धनबाद की उद्योग–अकादमिक साझेदारी को मजबूत करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है तथा आत्मनिर्भर भारत, मेक इन इंडिया और स्वच्छ भारत जैसे राष्ट्रीय मिशनों के अनुरूप स्वदेशी स्वच्छ तकनीकों, सतत औद्योगिक विकास, ऊर्जा सुरक्षा और स्वच्छ उत्पादन प्रणालियों को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
एमओयू पर हस्ताक्षर क्लिमिट्रा कार्बन की ओर से श्री शौर्य शर्मा एवं श्री आर्यमान मिहिर सेठ की उपस्थिति में हुए। आईआईटी (आईएसएम) धनबाद की ओर से प्रो. सुकुमार मिश्र (निदेशक), प्रो. धीरज कुमार (उप-निदेशक), प्रो. पार्थसारथी दास (डीन, अनुसंधान एवं विकास), प्रो. शालिनी गौतम तथा डॉ. अमृत आनंद उपस्थित रहे।



