



आदिवासी महिला उद्यमियों के लिए क्षमता विकास कार्यक्रम शुरू

डीजे न्यूज, धनबाद: आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के मैनेजमेंट स्टडीज एंड इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग विभाग की ओर से उच्च गुणवत्ता वाले मिलेट (श्रीअन्न) उत्पादन और डिजिटल मार्केटिंग इंटीग्रेशन विषय पर तीन दिवसीय कैपेसिटी बिल्डिंग प्रोग्राम की शुरुआत सोमवार से हुई। यह कार्यक्रम 9 से 11 मार्च तक आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम का आयोजन कोल इंडिया लिमिटेड की सीएसआर पहल के तहत किया जा रहा है।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य पश्चिम बंगाल के बाँकुड़ा जिले के सालतोरा प्रखंड के सलमा ग्राम पंचायत की आदिवासी महिला उद्यमियों को मिलेट आधारित उद्यम को मजबूत बनाने के लिए प्रशिक्षण देना है। इसके तहत प्रतिभागियों को सस्टेनेबल खेती, उद्यम विस्तार, वित्तीय लिंकज और डिजिटल मार्केटिंग प्लेटफॉर्म के जरिए बाजार तक बेहतर पहुंच बनाने की जानकारी दी जा रही है।
कार्यक्रम का संचालन आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के प्रो. निलाद्रि दास और प्रो. रश्मि सिंह के नेतृत्व में किया जा रहा है।
कार्यक्रम के पहले दिन का फोकस एंटरप्राइज स्केलिंग और फाइनेंशियल लिंकज पर रहा। इस सत्र का संचालन सुमित लायक ने किया। उन्होंने ग्रामीण उद्यमियों के लिए उपलब्ध विभिन्न सरकारी योजनाओं और वित्तीय अवसरों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
सत्र के दौरान प्रतिभागियों को पीएम फॉर्मलाइजेशन ऑफ माइक्रो फूड प्रोसेसिंग एंटरप्राइजेज (PMFME), एसएफयूआरटीआई (SFURTI), नेशनल रूरल लाइवलीहुड मिशन (NRLM) और नाबार्ड (NABARD) जैसी योजनाओं के बारे में बताया गया।
प्रशिक्षण में क्लस्टर डेवलपमेंट, फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन (FPO) से जुड़ाव, डिजिटल बुककीपिंग और बिजनेस परफॉर्मेंस मॉनिटरिंग जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई।
कार्यक्रम की खास बात एक ग्रुप एक्टिविटी रही, जिसमें प्रतिभागियों ने मिलकर “मिलेट एंटरप्राइज ग्रोथ प्लान” तैयार किया। इसमें उन्होंने अपने उद्यम के विस्तार के लिए बेसिक फाइनेंशियल प्लानिंग और रणनीति पर काम किया।
कार्यक्रम के सफल संचालन में रोहित सिंह, निलेश कुमार, सुमना बनर्जी और अमृता पुरी की टीम भी सक्रिय रूप से सहयोग कर रही है।



