सरस्वती शिशु विद्या मंदिर की छात्राओं ने छठ गीतों और राम-सीता की झांकी से मोहा सबका मन
डीजे न्यूज, गिरिडीह : सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, बरगंडा में शुक्रवार को आयोजित वंदना सभा भारतीय संस्कृति, लोक परंपरा और धार्मिक आस्था के रंगों से सराबोर रही। कार्यक्रम में छात्राओं ने छठ महापर्व की पारंपरिक झांकी प्रस्तुत कर लोक संस्कृति की सुंदर तस्वीर पेश की, वहीं शिशु वर्ग के नन्हे बच्चों ने भगवान श्रीराम और माता सीता का रूप धारण कर सभी का मन मोह लिया।
कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि अभिभाविका श्वेता देवी ने दीप प्रज्वलन एवं पुष्पार्चन कर किया। इसके बाद मेनका दीदी के साथ कक्षा षष्ठ से दशम तक की छात्राओं ने सामूहिक वंदना की। मेनका दीदी ने मुख्य अतिथि का परिचय कराया तथा सरिता बर्णवाल दीदी ने अंगवस्त्र देकर उन्हें सम्मानित किया।
छठ महापर्व पर आधारित प्रस्तुति में छात्राओं ने पारंपरिक वेशभूषा में ‘केलवा जे फरेले घवद से’ और ‘उग हो सूरज देव’ जैसे लोकप्रिय छठ गीतों का गायन किया। साथ ही बांस के सूप में ठेकुआ, फल और फूल सजाने तथा अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देने की परंपरा का जीवंत प्रदर्शन किया। इस प्रस्तुति ने दर्शकों को छठ की सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं से रूबरू कराया।
दीपावली के उपलक्ष्य में शिशु वर्ग के बच्चों ने श्रीराम और माता सीता के मनोहारी स्वरूप में अपनी प्रस्तुति दी। नन्हे बच्चों की आकर्षक वेशभूषा और भावपूर्ण प्रस्तुति ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
इस अवसर पर प्रधानाचार्य आनंद कमल एवं प्रवासी कार्यकर्ता सलमान होजाई उपस्थित थे। प्रधानाचार्य ने कहा कि विद्यालय का उद्देश्य बच्चों को किताबी शिक्षा के साथ भारतीय संस्कृति, परंपरा और जीवन मूल्यों से जोड़ना भी है। छठ महापर्व प्रकृति और सूर्य के प्रति कृतज्ञता का संदेश देता है, जबकि दीपावली भगवान श्रीराम के आदर्शों और मर्यादा का स्मरण कराती है। उन्होंने छात्राओं एवं शिशु वर्ग के बच्चों की प्रस्तुतियों की सराहना की।
मुख्य अतिथि श्वेता देवी ने विद्यालय की इस पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि बच्चों में भारतीय संस्कृति और संस्कारों के प्रति जागरूकता देखकर उन्हें प्रसन्नता हुई। कार्यक्रम में विद्यालय के सभी आचार्य, दीदी एवं भैया-बहन मौजूद थे।