ओबी डंपिंग कर मुख्य सड़क बंद करने पर ग्रामीणों में आक्रोश, आर-पार की लड़ाई का ऐलान

ओबी डंपिंग कर मुख्य सड़क बंद करने पर ग्रामीणों में आक्रोश, आर-पार की लड़ाई का ऐलान

डीजे न्यूज, झरिया(धनबाद): जोड़ापोखर थाना क्षेत्र के  डिगवाडीह 12 नंबर कांटा घर से भूलन बरारी, लक्ष्मी कॉलोनी, बरारी छह नंबर, पारबाद बस्ती, परसबनिया, सिंदरी और बलियापुर की ओर जाने वाली मुख्य सड़क पर ओबी (ओवरबर्डन) डंपिंग कर रास्ता बंद किए जाने के बाद मामला तूल पकड़ता जा रहा है ।  मंगलवार को इस मुद्दे को लेकर नुनूडीह लाल मैदान में पार्षद अलीम अंसारी एवं बिहार कोलियरी कामगार यूनियन (बीसीकेयू) के सबुर गोराई के नेतृत्व में बैठक आयोजन किया गया । जिसमे  सैकड़ों की संख्या में महिला-पुरुष ग्रामीण शामिल हुए और सड़क खुलवाने के लिए आर-पार की लड़ाई लड़ने का संकल्प लिया।
इससे पूर्व मंगलवार की सुबह सिंदरी विधायक चंद्रदेव महतो उर्फ बबलू महतो ने घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। ग्रामीणों ने विधायक से बंद सड़क को खुलवाने की मांग की। उनका कहना था कि यह मार्ग कई गांवों को जोड़ने वाला एकमात्र रास्ता है। इसी रास्ते से मरीजों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया जाता है और बच्चे स्कूल आते-जाते हैं। सड़क बंद होने से ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि एटी देवप्रभा आउटसोर्सिंग परियोजना प्रबंधन की ओर से सड़क पर ओबी डंपिंग कर आवागमन बाधित किया गया है। विरोध करने पर ग्रामीणों को डराने-धमकाने और झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया। ग्रामीणों ने पुलिस-प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनकी समस्याओं पर ध्यान देने के बजाय विरोध करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है।

विधायक बोले, विधानसभा में उठाएंगे मामला

सिंदरी विधायक चंद्रदेव महतो ने ग्रामीणों को आश्वस्त करते हुए कहा कि उन्हें
आउटसोर्सिंग प्रबंधन से डरने की जरूरत नहीं है। किसी को भी ग्रामीणों को डराने-धमकाने का अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि एटी देवप्रभा आउटसोर्सिंग परियोजना के खिलाफ विधानसभा में आवाज उठाई जाएगी। इस मामले में धनबाद के उपायुक्त से वार्ता की जाएगी और ओबी डंपिंग की मापी कराने की मांग भी की जाएगी। विधायक ने ग्रामीणों के आंदोलन में साथ देने का भरोसा दिया।

सरकारी सड़क बंद करने का लगाया आरोप

वार्ड पार्षद अलीम अंसारी ने कहा कि ग्रामीण किसी के काम में बाधा डालने के पक्ष में नहीं हैं, लेकिन सरकारी रास्ता बंद कर और लोगों को डराकर काम करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि ओबी डंपिंग से उड़ने वाली धूल, कंकड़ और प्रदूषण के कारण लोगों को काफी परेशानी हो रही है। इसका बच्चों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका है।
बीसीकेयू नेता सबुर गोराई ने आरोप लगाया कि राजस्व सड़क को बिना अनुमति बंद कर दिया गया है। इस सड़क का निर्माण सांसद निधि से करोड़ों रुपये खर्च कर कराया गया था। उन्होंने कहा कि निजी रैयती जमीन पर भी कथित रूप से जबरन ओबी डंपिंग की जा रही है। विरोध के दौरान जोड़ापोखर पुलिस पर माले के प्रखंड सचिव सोनू गोराई के साथ अभद्र व्यवहार करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने जिला प्रशासन से सड़क खुलवाने, ओबी डंपिंग की मापी कराने और प्रदूषण पर रोक लगाने की मांग की।
ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि जब तक सड़क को आवागमन के लिए नहीं खोला जाता और ओबी डंपिंग से उत्पन्न समस्याओं का समाधान नहीं किया जाता, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। बैठक में पूर्व पार्षद बीरेन गोराई, दिनकर, सुरेश चक्रवर्ती, सलीम आजाद, ईश्वर गोराई, बिजली देवी, मुन्नी देवी, ज्योत्सना देवी, सरिता देवी, सोमनाथ गोराई, जाहिद क्रांति, अशोक कुम्हार, कुंदन पासवान, चंदा देवी, ललित हाड़ी, कृष्णा पासवान, आलो देवी, चिनिया देवी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

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